नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा दिसंबर के अंत तक 8.55 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो 2025-26 के बजट लक्ष्य का 54.5 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 56.7 प्रतिशत था। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
सरकार का अनुमान है कि 2025-26 के दौरान राजकोषीय घाटा (व्यय और राजस्व के बीच का अंतर) सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 प्रतिशत यानी 15.69 लाख करोड़ रुपये रहेगा।
महालेखा नियंत्रक (सीजीए) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार की दिसंबर, 2025 तक कुल प्राप्तियां 25.25 लाख करोड़ रुपये रहीं, जो बजट अनुमान का 72.2 प्रतिशत है।
इसमें केंद्र सरकार को प्राप्त शुद्ध कर राजस्व में 19.39 लाख करोड़ रुपये, गैर-कर राजस्व 5.39 लाख करोड़ रुपये और गैर-ऋण पूंजी प्राप्ति 46,047 करोड़ रुपये शामिल हैं।
आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-दिसंबर के दौरान केंद्र सरकार ने केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में राज्यों को 10.38 लाख करोड़ रुपये दिए, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 1.37 लाख करोड़ रुपये अधिक है।
दिसंबर तक केंद्र सरकार का कुल व्यय 33.8 लाख करोड़ रुपये रहा। यह 2025-26 के बजट अनुमान का 66.7 प्रतिशत है। इसमें से 25.93 लाख करोड़ रुपये राजस्व मद में और 7.87 लाख करोड़ रुपये पूंजी मद में खर्च किए गए।
कुल राजस्व व्यय में से 9.11 लाख करोड़ रुपये ब्याज भुगतान पर और 3.17 लाख करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडी पर खर्च किए गए।
भाषा रमण अजय
अजय