मोरबी में गैस आपूर्ति संकट बढ़ने से सिरेमिक उद्योग ठप होने के कगार पर
मोरबी में गैस आपूर्ति संकट बढ़ने से सिरेमिक उद्योग ठप होने के कगार पर
नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) भारत में सिरेमिक टाइल के विनिर्माण का केंद्र माने जाने वाले गुजरात के मोरबी में स्थित लगभग 350 कारखानों के ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले के बाद गैस आपूर्ति में आई बाधा के कारण शुक्रवार तक बंद होने की आशंका है। सिरेमिक पैनल कंपनी केपेक्सिल के चेयरमैन नीलेश जेटपरिया ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
मोरबी सिरेमिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष केजी कुंदरिया ने पीटीआई-भाषा को बताया कि मोरबी उद्योग प्रोपेन या प्राकृतिक गैस की भारी कमी का सामना कर रहा है। यह इसके संचालन के लिए, विशेष रूप से भट्टों को जलाने और सुखाने की प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण है। यदि 15 मार्च तक आपूर्ति बहाल नहीं होती है, तो पूरा उद्योग ठप हो जाएगा।
जेटपरिया ने कहा, ‘‘मोरबी में लगभग 750 कारखाने हैं, जो भारत के कुल टाइल उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा हैं…। कल तक गैस आपूर्ति न होने के कारण लगभग 350 कारखाने बंद हो जाएंगे।’’
उन्होंने सिरेमिक टाइल उत्पादन पर गैस आपूर्ति में बाधा के प्रभाव से संबंधित एक सवाल के जवाब में यह बात कही।
पश्चिम एशिया में संकट शुरू होने के बाद से टैंकर के जरिये प्रोपेन की आपूर्ति अनियमित हो गई है। मोरबी में केवल 30 प्रतिशत उद्योग ही गुजरात गैस (शहर गैस वितरण कंपनी) से जुड़ा हुआ है।
जेटपरिया ने बताया कि गुजरात गैस ने फरवरी में प्रत्येक कारखाने की खपत के 50 प्रतिशत तक आपूर्ति कम करने का निर्णय लिया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है, उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास कोई और विकल्प नहीं है। जब गैस की आपूर्ति ही नहीं है तो हम क्या कर सकते हैं?’’
मोरबी सिरेमिक एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जेटपरिया ने बताया कि भारत में टाइल का वार्षिक उत्पादन लगभग 70,000 करोड़ रुपये का है। इसमें से 50,000 करोड़ रुपये का उत्पादन घरेलू बाजार में इस्तेमाल होता है और शेष 20,000 करोड़ रुपये का निर्यात किया जाता है।
मोरबी सिरेमिक एसोसिएशन के एक अन्य पूर्व अध्यक्ष, के जी कुंदरिया ने कहा कि प्रोपेन टैंकर से उपलब्ध आपूर्ति भी परिचालकों द्वारा कीमतें बढ़ाने के कारण महंगी हो गई है।
उन्होंने कहा कि स्थिति गंभीर होती जा रही है, इसलिए सरकार को रूस से गैस आयात करने पर विचार करना चाहिए। यदि 15 मार्च तक आपूर्ति सुचारू नहीं होती है, तो पूरा उद्योग ठप हो जाएगा।
कुंदरिया ने कहा कि इससे उद्योग में प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत लगभग छह लाख श्रमिकों के साथ-साथ सहायक उद्योगों में काम करने वाले लोग भी प्रभावित होंगे।
जेटपरिया ने कहा कि मोरबी भारत में उत्पादित होने वाली 90 प्रतिशत से अधिक टाइल का उत्पादन करता है।
भाषा रमण अजय
अजय

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