सीजी पावर के शेयरधारकों ने थापर को प्रवर्तक से हटाने के पक्ष में मतदान किया

सीजी पावर के शेयरधारकों ने थापर को प्रवर्तक से हटाने के पक्ष में मतदान किया

सीजी पावर के शेयरधारकों ने थापर को प्रवर्तक से हटाने के पक्ष में मतदान किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:53 pm IST
Published Date: October 21, 2020 3:25 pm IST

नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) धोखाधड़ी की शिकार सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सोल्यूशंस लि. ने कंपनी के बर्खास्त संस्थापक चेयरमैन गौतम थापर को प्रवर्तक से हटाने के पक्ष में जबर्दस्त मतदान किया। साथ ही सुधीर माथुर को फिर से नियुक्त करने के पक्ष में वोट किया जो कंपनी को संकट से उबारने के अभियान की अगुवाई कर रहे हैं।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि उसके शेयरधारकों की 19 अक्टूबर को ‘ऑनलाइन’ हुई सालाना आम बैठक में 99.9 प्रतिशत शेयरधारकों ने मौजूदा प्रर्वतकों और प्रवर्तक समूह के फिर से वर्गीकरण कर सार्वजनिक किये जाने के पक्ष में मतदान किये।

थापर को कंपनी के निदेशक मंडल ने 29 अगस्त, 2019 को हटा दिया गया था। कंपनी की संपत्ति गिरवी रखकर जुटायी गयी राशि के मामले में धोखाधड़ी की बात सामने आने के कुछ ही दिनों बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था।

वह उस समय कंपनी के गैर-कार्यकारी चेयरमैन थे।

सालाना आम बैठक के प्रस्ताव में कहा गया कि थापर प्रवर्तक समूह की कंपनियों की सीजी पावर में हिस्सेदारी केवल 0.002 प्रतिशत थी। यह कुल 62.67 करोड़ शेयर में 8,574 शेयर बैठता है।

बाजार नियामक सेबी ने थापर और उनके साथ कंपनी के पूर्व कार्यकारियों को प्रतिभूति बाजार में कारोबार करने से प्रतिबंधित कर दिया है।

सीजी पावर के निदेशक मंडल ने मुरूगप्पा समूह की कंपनी ट्यूब इनवेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया लि. के कंपनी में 700 करोड़ रुपये निवेश पेशकश पर सहमति जतायी है। इससे बिजली उपकरण बनाने वाली कंपनी को जरूरी कार्यशील पूंजी मिल सकेगी। साथ ही पुनर्गठित बकाया कर्ज के भुगतान में मदद मिलेगी।

मुरूगप्पा समूह इस निवेश के साथ नियंत्रणकारी हिस्सेदारी प्राप्त करेगी।

कंपनी की सालाना रिपोर्ट के अनुसार एक अप्रैल, 2018 की स्थिति के अनुसार थापर की अगुवाई वाले प्रवर्तक समूह के पास कंपनी के 21.54 करोड़ शेयर यानी 34.48 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

लगभग इन सभी शेयर को प्रवर्तकों ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के पास गिरवी रख दिया था। बैंकों ने बकाया कर्ज की वसूली के लिये गिरवी रखे शेयर को भुना लिया।

शेयरधारकों ने माथुर को कंपनी के निदेशक मंडल में बतौर निदेशक फिर से नियुक्त किये जाने के पक्ष में भी जोरदार मतदान किया।

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर


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