महाराष्ट्र के धर्मादा आयुक्त ने सर रतन ट्रस्ट की प्रस्तावित बोर्ड बैठक के स्थगन का निर्देश दिया

महाराष्ट्र के धर्मादा आयुक्त ने सर रतन ट्रस्ट की प्रस्तावित बोर्ड बैठक के स्थगन का निर्देश दिया

महाराष्ट्र के धर्मादा आयुक्त ने सर रतन ट्रस्ट की प्रस्तावित बोर्ड बैठक के स्थगन का निर्देश दिया
Modified Date: May 15, 2026 / 10:02 pm IST
Published Date: May 15, 2026 10:02 pm IST

नयी दिल्ली, 15 मई (भाषा) महाराष्ट्र के धर्मादा आयुक्त (चैरिटी कमिश्नर) ने शुक्रवार को टाटा ट्रस्ट्स को ‘सर रतन टाटा ट्रस्ट’ (एसआरटीटी) के ट्रस्टी बोर्ड की 16 मई को प्रस्तावित बैठक स्थगित करने का निर्देश देते हुए कहा कि ट्रस्ट की बोर्ड संरचना में नियमों के कथित उल्लंघन की जांच अभी जारी है।

आयुक्त अमोघ एस कलोटी ने कहा कि इस मामले में निरीक्षक जांच पहले ही शुरू की जा चुकी है और उसकी रिपोर्ट का इंतजार है। ऐसे में जांच पूरी होने तक किसी भी बोर्ड बैठक को आयोजित न करने का निर्देश दिया गया है।

टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी बोर्ड को दिए गए निर्देश के मुताबिक, यदि जांच लंबित रहने के दौरान कोई महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाता है तो इससे कानूनी जटिलताएं बढ़ सकती हैं और कार्यवाही में अनावश्यक देरी होगी।

टाटा ट्रस्ट के वाइस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने भी आयुक्त के समक्ष एक प्रतिनिधित्व पेश किया।

हालांकि इस मामले में टिप्पणी के लिए टाटा ट्रस्ट को भेजे गए ई-मेल का कोई जवाब नहीं मिला है।

आयुक्त से यह भी आग्रह किया गया कि ट्रस्ट को अनिवार्य शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया जाए, जिसके तहत स्थायी ट्रस्टी की संख्या कुल बोर्ड सदस्यता के एक-चौथाई से अधिक नहीं होनी चाहिए। छह सदस्यीय बोर्ड के मामले में यह सीमा अधिकतम एक स्थायी ट्रस्टी तक सीमित होगी।

मामला सर रतन टाटा ट्रस्ट के बोर्ड में स्थायी ट्रस्टी की संख्या को लेकर उठे विवाद से जुड़ा है। शिकायत में कहा गया है कि ट्रस्ट के बोर्ड की मौजूदा संरचना में यह सीमा पार हो रही है।

एसआरटीटी के फिलहाल छह ट्रस्टी हैं जिनमें से जिमी नेवल टाटा, जहांगीर एचसी जहांगीर और नोएल नवल टाटा आजीवन ट्रस्टी हैं। यह संख्या बोर्ड के 50 प्रतिशत के बराबर है, जो निर्धारित 25 प्रतिशत की वैधानिक सीमा से अधिक है।

धर्मादा आयुक्त कार्यालय ने यह भी कहा कि इस बारे में मिली शिकायतें गंभीर हैं और उनके सभी पहलुओं की जांच आवश्यक है। इसी कारण निरीक्षक को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है।

एसआरटीटी से जुड़ी एक प्रस्तावित बैठक को पिछले सप्ताह भी स्थगित किया गया था। वह बैठक टाटा संस में नामांकन से जुड़े मुद्दों पर विचार के लिए बुलाई गई थी।

सर रतन टाटा ट्रस्ट की टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी टाटा संस में 23.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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