चौधरी ने श्रम आवाजाही साझेदारी के तहत 14 भारतीय श्रमिकों को मॉरीशस किया रवाना
चौधरी ने श्रम आवाजाही साझेदारी के तहत 14 भारतीय श्रमिकों को मॉरीशस किया रवाना
नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बुधवार को सरकार-से-सरकार श्रम आवाजाही ढांचे के तहत मॉरीशस जाने वाले 14 भारतीय कुशल श्रमिकों के एक दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सरकार ने बुधवार को यह जानकारी दी।
यह रवानगी भारतीय श्रमिकों के पहले बैच के सफल ‘प्लेसमेंट’ के बाद हुई है, जो पहले ही मॉरीशस की यात्रा कर चुके हैं और रोजगार शुरू कर चुके हैं।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘14 श्रमिकों के रवाना होने और 33 अतिरिक्त उम्मीदवारों के ‘वर्क परमिट’ तथा दस्तावेज़ीकरण प्रक्रियाओं से गुजरने के साथ, यह पहल पारदर्शी सरकार-समर्थित ढांचे के तहत भारतीय युवाओं के लिए संरचित विदेशी रोजगार के अवसर लगातार पैदा कर रही है।’’
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री चौधरी ने श्रमिकों को भेजे जाने के दौरान आयोजित समारोह में शामिल उम्मीदवारों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारत के कुशल कार्यबल को उसकी प्रतिभा, पेशेवर तरीके और अनुकूलन क्षमता के लिए विश्व स्तर पर लगातार मान्यता मिल रही है। भारत-मॉरीशस आवाजाही साझेदारी की बढ़ती गति वैश्विक नियोक्ताओं के भारतीय प्रतिभा पर भरोसे को दर्शाती है।’’
उन्होंने कहा कि भरोसेमंद सरकारी साझेदारियों के माध्यम से हम अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और महत्वाकांक्षी रास्ते बना रहे हैं। साथ ही यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि भारतीय कामगार तेजी से विकसित हो रही दुनिया में सफल होने और आगे बढ़ने के लिए तैयार हों।
भारत-मॉरीशस श्रम आवाजाही साझेदारी को मई, 2023 में दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित श्रमिकों के रोजगार पर समझौता ज्ञापन के तहत लागू किया जा रहा है।
इस ढांचे का उद्देश्य नैतिक भर्ती, श्रमिक कल्याण, पारदर्शिता और दोनों देशों के कानूनों और श्रम मानकों के अनुरूप संरचित आवाजाही मार्गों को सुगम बनाना है।
रवाना हुए उम्मीदवार देश भर के सात राज्यों से हैं। इस समूह में उत्तर प्रदेश से छह, बिहार और हिमाचल प्रदेश से दो-दो तथा मणिपुर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब से एक-एक उम्मीदवार शामिल हैं।
भाषा यासिर अजय
अजय

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