मुख्य सचिव ने ‘एसएएससीआई’ योजना के लिए विभागों को शीघ्र प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया

मुख्य सचिव ने ‘एसएएससीआई’ योजना के लिए विभागों को शीघ्र प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया

मुख्य सचिव ने ‘एसएएससीआई’ योजना के लिए विभागों को शीघ्र प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया
Modified Date: April 20, 2026 / 09:12 pm IST
Published Date: April 20, 2026 9:12 pm IST

पटना, 20 अप्रैल (भाषा) बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को ‘राज्य पूंजीगत निवेश विशेष सहायता योजना’ (एसएएससीआई) 2026-27 की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को इस योजना का अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने और शीघ्र प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।

बैठक में वित्त विभाग ने योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने वर्ष 2026-27 के लिए सभी राज्यों को कुल दो लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके तहत राज्यों को 50 साल के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उच्च गुणक प्रभाव वाले पूंजीगत कार्यों के माध्यम से अर्थव्यवस्था की भविष्य की उत्पादक क्षमता को मजबूत किया जा सके।

वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने बताया कि यूनिटी मॉल का निर्माण, पुलिस आवास, कामकाजी महिला छात्रावास तथा प्रतिष्ठित पर्यटन केंद्रों का वैश्विक स्तर पर विकास भी योजना की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को इस योजना को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और ब्रांडिंग नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 31 मार्च, 2026 तक उपयोग की गई राशि का समेकित उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रपत्र 12-बी में पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से समय पर जमा किया जाए।

उन्होंने एकल नोडल एजेंसी के बैंक खातों में जमा ब्याज राशि को भारत की संचित निधि में जमा करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी निर्देश दिया।

बैठक में अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग ने योजना की प्रभावी निगरानी के लिए विशेष निर्देश जारी करते हुए कहा कि इसकी नियमित समीक्षा बैठक वित्त विभाग के विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। वहीं योजना की उच्च स्तरीय प्रगति की पाक्षिक समीक्षा स्वयं अपर मुख्य सचिव करेंगे।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को आगामी वित्त वर्ष के लिए अपने पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों का चयन कर परियोजना प्रस्तावों को शीघ्र अंतिम रूप देने का निर्देश दिया, ताकि राज्य को इस विशेष सहायता योजना का अधिकतम लाभ मिल सके।

भाषा कैलाश

राजकुमार अजय

अजय


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