चीन का निर्यात अगस्त में 25 प्रतिशत बढ़ा, व्यापार अधिशेष भी बढ़कर 119.1 अरब डॉलर

Ads

चीन का निर्यात अगस्त में 25 प्रतिशत बढ़ा, व्यापार अधिशेष भी बढ़कर 119.1 अरब डॉलर

  •  
  • Publish Date - September 8, 2026 / 12:22 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 12:22 PM IST

बैंकॉक, आठ सितंबर (एपी) चीन का निर्यात अगस्त में सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़ा।

सीमा शुल्क एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि मोटर वाहन और उच्च प्रौद्योगिकी वाले सामान की मजबूत मांग से निर्यात को बढ़ावा मिला। जुलाई में निर्यात सालाना आधार पर 23.9 प्रतिशत बढ़ा था।

अगस्त में आयात भी सालाना आधार पर 28.2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि जुलाई में इसमें 27.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इससे चीन का व्यापार अधिशेष 119.1 अरब डॉलर हो गया जो जुलाई के 112.5 अरब डॉलर के मुकाबले अधिक है।

नीति-निर्माताओं ने अमेरिका और अन्य देशों में चीन के लगातार बढ़ते व्यापार अधिशेष को लेकर चिंता जताई है। चीन का व्यापार अधिशेष पिछले साल रिकॉर्ड 1.2 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया था। हालांकि, चीन का कहना है कि उसका व्यापार अधिशेष को अधिकतम करने का कोई लक्ष्य नहीं है।

अमेरिका को चीन का निर्यात अगस्त में सालाना आधार पर 34.4 प्रतिशत बढ़कर 42.5 अरब डॉलर हो गया। इसकी मुख्य वजह यह है कि अमेरिका द्वारा ऊंचे शुल्क लगाए जाने से पिछले साल चीन का निर्यात घट गया था।

आंकड़ों के अनुसार, चीन को अमेरिका का निर्यात पिछले महीने 13.3 अरब डॉलर रहा। इस तरह चीन के पक्ष में करीब 29.2 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष रहा।

यूरोपीय संघ (ईयू) को चीन का निर्यात 6.6 प्रतिशत बढ़ा, जबकि दक्षिण-पूर्व एशिया और लातिन अमेरिका को निर्यात में क्रमशः 30.2 प्रतिशत और 17.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

नीदरलैंड के बैंक आईएनजी में ग्रेटर चीन के मुख्य अर्थशास्त्री लिन सॉन्ग ने कहा कि चीन का निर्यात लगातार आयात से अधिक रहा है और ‘‘इस साल व्यापार अधिशेष के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के आसार हैं।’’

सीमा शुल्क के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में वाहनों का निर्यात सालाना आधार पर 43 प्रतिशत जबकि सेमीकंडक्टर का 129.8 प्रतिशत बढ़ गया।

घरेलू स्तर पर चीन अब भी अपनी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए संघर्ष कर रहा है, क्योंकि कई वर्षों से जारी रियल एस्टेट क्षेत्र के संकट के बाद खपत और निवेश कमजोर बने हुए हैं।

चीन की सरकार ने रविवार को कहा था कि वह अपनी अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद के लिए सरकारी बैंकों और बीमा कंपनियों में करीब 54 अरब डॉलर डालेगी।

एपी निहारिका

निहारिका