Rahul Gandhi Defamation Case: हाईकोर्ट से राहुल गांधी को बड़ा झटका, इस मामले में समन रद्द करने से किया इनकार, जानें आगे होगा क्या?

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Rahul Gandhi Defamation Case: पीएम मोदी के खिलाफ टिप्पणी मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को बॉम्बे हाई कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है।

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  • Publish Date - September 8, 2026 / 12:45 PM IST,
    Updated On - September 8, 2026 / 12:49 PM IST

Rahul Gandhi Defamation Case/Image Credit: File

HIGHLIGHTS
  • राहुल गांधी को बॉम्बे हाई कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है।
  • हाई कोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से जारी समन को रद्द करने से इनकार कर दिया।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी मामले में राहुल गांधी के खिलाफ समन जारी किया गया था।

Rahul Gandhi Defamation Case: नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को बॉम्बे हाई कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने मानहानि के मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से जारी समन को रद्द करने से इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमाल का आरोप था कि सितंबर 2018 में राहुल गांधी ने राजस्थान में एक रैली की में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मानहानि वाले बयान दिए थे। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘चोरों के सरदार’ और ‘कमांडर-इन-थीफ’ कहा था।

भाजपा कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमाल ने राहुल गांधी के खिलाफ गिरगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट में मानहानि का केस दायर किया। इस मामले में सुनवाई करते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अगस्त 2019 में राहुल गांधी को पेश होने का समन भेजा। जुलाई 2021 में समन मिलने के बाद राहुल गांधी ने हाई कोर्ट में इस आदेश को चुनौती दी।

राहुल गांधी ने कौन सही दलीलें दी?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, राहुल गांधी ने हाई कोर्ट में तर्क दिया था कि बीजेपी कार्यकर्ता की तरफ से दायर शिकायत कानूनी रूप से मान्य नहीं थी। उनका कहना था कि उन्होंने पार्टी का नाम नहीं लिया था और न ही किसी पहचान योग्य या निश्चित वर्ग को निशाना बनाया। ऐसे में कोई भी व्यक्ति या समूह स्पष्ट रूप से पीड़ित नहीं है। (Rahul Gandhi Defamation Case)

एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे ने आज कोर्ट में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया अपराध का मामला बनता है, जिससे इसे रद्द करने की हाई कोर्ट की शक्ति सीमित हो जाती है। साठे ने तर्क दिया कि CrPC की धारा 199 और IPC की धारा 499 (स्पष्टीकरण 2) के तहत, बीजेपी सदस्य कानूनी अधिकार रखने वाला पीड़ित व्यक्ति है।

हाई कोर्ट ने क्या कहा?

Rahul Gandhi Defamation Case:  वहीं अब बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस नितिन बोरकर ने राहुल गांधी की दलील को खारिज कर दिया और कहा कि एक रजिस्टर्ड राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी होने के नाते, BJP निश्चित रूप से एक पहचानी जा सकने वाली संस्था है। जज ने कहा, “शिकायतकर्ता का कहना है कि वह दो दशकों से BJP का सक्रिय सदस्य रहा है। BJP के सदस्य और प्रधानमंत्री को ‘कमांडर-इन-चीफ’ बताने वाले बयान को पहली नजर में देखने पर, इस स्टेज पर यह नहीं कहा जा सकता कि विवादित टिप्पणी केवल पार्टी के सीनियर लीडरशिप तक ही सीमित है।”

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