नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी पावरग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड निविदा से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करती है जबकि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसे पहले से उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
आयोग ने ‘महारत्न’ बिजली पारेषण कंपनी को सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत निविदा, बोलीदाताओं और ठेका आवंटन से जुड़े दस्तावेजों का स्वत: खुलासा करने की सलाह दी है।
सीआईसी ने यह सलाह आरटीआई अधिनियम की धारा 25(5) के तहत एक अपील का निपटारा करते हुए दी। इस अपील में राजस्थान के झुंझुनू जिले के बाघोली गांव से गुजरने वाली 765 केवी फागी-भिवानी सर्किट-1 पारेषण लाइन से संबंधित जानकारी मांगी गई थी।
सूचना आयुक्त जया वर्मा सिन्हा ने केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (सीपीआईओ) को निविदा आमंत्रण नोटिस (एनआईटी) से जुड़े एक सवाल पर संशोधित जवाब देने का निर्देश दिया, क्योंकि संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
आयोग ने कहा कि कंपनी को एनआईटी, नियम एवं शर्तें, बोलीदाताओं के लिए सूचना, बोली-पूर्व बैठकों की कार्यवाही और आवंटन पत्र जैसे प्रमुख दस्तावेज सार्वजनिक रूप से मुहैया कराना चाहिए।
इसके अलावा, ठेका राशि का अनुमान, कार्य प्रारंभ और समाप्ति की तिथियां तथा प्रभारी इंजीनियर और पर्यवेक्षक के नाम व पदनाम भी सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
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