जुलाई में बढ़ेगी मानसून की बारिश, खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी: चौहान

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जुलाई में बढ़ेगी मानसून की बारिश, खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी: चौहान

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 07:46 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 07:46 PM IST

नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि जुलाई में मानसून की बारिश तेज होने की उम्मीद है, जिससे इस मौसम की धीमी शुरुआत के बाद खरीफ फसलों की बुवाई में मदद मिलेगी।

चौहान ने एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि जुलाई में कुल बारिश की कमी जून के 33 प्रतिशत से घटकर 24 प्रतिशत रह गई है।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने के कारण बारिश की कमी वाले जिलों की संख्या 262 से घटकर 178 रह गई है।

चौहान ने कहा कि सरकार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित 13 राज्यों में स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2026 के सत्र में अब तक खरीफ फसलों के तहत कुल बुवाई का रकबा एक साल पहले के चार करोड़ 12.8 लाख हेक्टेयर की तुलना में 21 प्रतिशत घटकर तीन करोड़ 50.85 लाख हेक्टेयर रह गया है।

चौहान ने कहा कि मानसून की देरी से शुरुआत ने विशेष रूप से सोयाबीन और कपास की बुवाई को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को सलाह दी गई है कि वे कम समय में तैयार होने वाली और कम पानी की जरूरत वाली फसलों, जैसे मक्का, बाजरा और मूंग की खेती को अपनाएं।

चौहान ने कहा कि सरकार अप्रैल से ही मानसून पर संभावित अल-नीनो के असर से निपटने की तैयारी कर रही है।

उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के साथ मिलकर अधिकारियों ने प्रभावित होने की संभावना वाले जिलों के लिए आपातकालीन योजनाएं तैयार कीं और उन्हें पहले ही राज्य सरकारों के साथ साझा किया।

मंत्रालय के अनुसार, जून में आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत देश भर में 1,24,000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे सीधे तौर पर 80 लाख से अधिक किसान जुड़े।

चौहान ने कहा कि बुवाई का काम बिना रुकावट जारी रखने के लिए सरकार ने लगभग 1,75,000 क्विंटल का राष्ट्रीय बीज भंडार बनाए रखा है।

उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड जारी करने का अभियान तेज कर दिया गया है, जिससे किसानों को सब्सिडी वाले ऋण मिल सकें। 30 जून तक मिले 1,14,000 आवेदनों में से 94,000 से ज्यादा को मंजूरी दी जा चुकी है।

चौहान ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ में किसानों के पंजीकरण को बढ़ाने की कोशिशें भी तेज की जा रही हैं। यह योजना खराब मौसम से होने वाले नुकसान के ख़िलाफ आर्थिक सुरक्षा देती है।

उन्होंने बताया कि अल नीनो निगरानी प्रकोष्ठ, फसल मौसम निगरानी समूह, राज्य-स्तरीय नियंत्रण कक्ष और अधिकारी मानसून की प्रगति, फसल की बुवाई, फसल की स्थिति और बाजार के रुझानों पर नजर रख रहे हैं।

चौहान ने कहा कि मानसून से जुड़ी किसी भी चुनौती के असर को कम करने के लिए पूरी प्रणाली पहले से ही सक्रिय कर दिया गया है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय