वाशिंगटन, आठ जुलाई (एपी) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने बुधवार को ईरान युद्ध से पैदा हुए ऊर्जा संकट का हवाला देते हुए इस वर्ष के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर के अपने अनुमान में मामूली कटौती की है।
आईएमएफ ने अब अनुमान लगाया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था 2026 में धीमी तीन प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। यह पिछले साल की 3.5 प्रतिशत वृद्धि और अप्रैल में लगाए गए 3.1 प्रतिशत के अनुमान से कम है।
आईएमएफ का अनुमान है कि 2027 में वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में ईरान ने 28 फरवरी को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का पांचवां हिस्सा आता है। इसके कारण ऊर्जा की कीमतें आसमान छूने लगीं, जिससे व्यवसायों और उपभोक्ताओं पर दबाव बढ़ा।
आईएमएफ के शोध विभाग की उप निदेशक पेट्या कोएवा ब्रूक्स ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘वैश्विक अर्थव्यवस्था ने युद्ध से पैदा हुए झटके का सामना उम्मीद से बेहतर तरीके से किया है।’’
उन्होंने कहा कि ऊर्जा संकट से आर्थिक नुकसान सीमित रहा है, क्योंकि कई देशों ने अपने मौजूदा तेल भंडार का इस्तेमाल किया और फारस की खाड़ी के बाहर तेल निर्यातक देशों ने उत्पादन बढ़ाया।
आईएमएफ के अनुसार, वे देश जो खुद ऊर्जा का उत्पादन और निर्यात करते हैं तथा कृत्रिम मेधा (एआई) में निवेश से लाभ उठा रहे हैं, वे युद्ध के आर्थिक प्रभाव से अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं। इनमें अमेरिका भी शामिल है।
आईएमएफ ने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका की वृद्धि दर इस साल 2.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है, जो 2025 के 2.1 प्रतिशत से अधिक है और अप्रैल के अनुमान के समान है। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 2025 की कर कटौती, उत्पादकता में बड़ी वृद्धि और मजबूत शेयर बाजार भी अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं।
दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के इस साल 4.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह 2025 के पांच प्रतिशत से कम है, लेकिन अप्रैल में आईएमएफ के अनुमान से कुछ बेहतर है। ऊंची ऊर्जा कीमतों और संपत्ति बाजार में गिरावट से प्रभावित चीनी अर्थव्यवस्था को सरकारी खर्च, उच्च प्रौद्योगिकी विनिर्माण में तेजी और निर्यात में वृद्धि से मदद मिल रही है।
आईएमएफ ने एक बार फिर भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बताया है। भारत की आर्थिक वृद्धि दर इस साल 6.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पिछले साल की 7.7 प्रतिशत की तेज वृद्धि से कम है। भारत की वृद्धि को मजबूत उपभोक्ता खर्च से समर्थन मिल रहा है।
आईएमएफ 191 देशों का एक अंतरराष्ट्रीय ऋण संस्थान है, जिसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि और वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देना तथा वैश्विक गरीबी को कम करना है।
भाषा योगेश अजय
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