मकानों की कीमत में वृद्धि के मामले में महानगरों से आगे निकले भोपाल, भुवनेश्वर जैसे शहर: रिपोर्ट
मकानों की कीमत में वृद्धि के मामले में महानगरों से आगे निकले भोपाल, भुवनेश्वर जैसे शहर: रिपोर्ट
नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) बुनियादी ढांचे, बेहतर संपर्क और खपत में बढ़ोतरी के दम पर भोपाल, भुवनेश्वर, इंदौर जैसे देश के उभरते 11 प्रमुख रियल एस्टेट (टियर-2) बाजारों में पिछले पांच वर्षों के दौरान मकानों की कीमतों में 63 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। यह देश के शीर्ष आठ महानगरों की तुलना में काफी अधिक है। उद्योग मंडल सीआईआई और रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी नाइट फ्रैंक इंडिया की एक संयुक्त रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
‘भारत के अगले रियल एस्टेट बाजार’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट के अनुसार 2021 से 2026 के बीच इन 11 उभरते बाजारों में आवासीय कीमतों में 63 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि इसी दौरान देश के शीर्ष आठ शहरों में यह वृद्धि 42 प्रतिशत रही।
दूसरी ओर 2016 से 2026 के दशक के दौरान इन उभरते शहरों में आवासीय संपत्तियों की औसत कीमतों में सालाना 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह शीर्ष आठ महानगरों के चार प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले दोगुना है।
रिपोर्ट में चिन्हित किए गए 11 उभरते बाजारों में भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, गोवा, इंदौर, जयपुर, कोच्चि, लखनऊ, नागपुर, विशाखापत्तनम और कोयंबटूर शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक देश के कुल सरकारी पूंजीगत व्यय में बुनियादी ढांचे की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2014-15 के 39 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 55 प्रतिशत हो गई है। सरकार की तीन वर्षीय सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) पाइपलाइन में 17 लाख करोड़ रुपये की 852 परियोजनाएं शामिल हैं, जो मझोले (टियर-2) और छोटे शहरों (टियर) के दीर्घकालिक विकास को गति दे रही हैं।
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि भारत का रियल एस्टेट विकास पारंपरिक महानगरों से आगे हो रहा है।
गौरतलब है कि शीर्ष आठ महानगरों से बाहर के शहरों में आबादी 28.2 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, जबकि शीर्ष आठ शहरों में यह वृद्धि मात्र 8.7 प्रतिशत रहने की संभावना है। इसके साथ ही, देश के दो लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप में करीब 50 प्रतिशत टियर-2 और टियर-3 शहरों से संचालित हो रहे हैं।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण

Facebook


