सह-कार्यस्थल कंपनियों के कार्यालय स्थलों की मांग में 58 प्रतिशत गिरावट का अनुमान

सह-कार्यस्थल कंपनियों के कार्यालय स्थलों की मांग में 58 प्रतिशत गिरावट का अनुमान

सह-कार्यस्थल कंपनियों के कार्यालय स्थलों की मांग में 58 प्रतिशत गिरावट का अनुमान
Modified Date: November 29, 2022 / 08:24 pm IST
Published Date: November 30, 2020 10:40 am IST

नयी दिल्ली, 30 नवंबर (भाषा) कोविड-19 संकट के चलते सह-कार्यस्थल (को-वर्किंग) कंपनियों के कार्यालय 2020 में पट्टे पर उठने में 58 प्रतिशत गिरावट आने का अनुमान है। संपत्ति सलाहकार कंपनी साविल्स इंडिया की रपट के मुताबिक इसकी प्रमुख वजह कॉरपोरेट क्षेत्र की कार्यालय स्थल की मांग गिरना है।

देश के छह प्रमुख शहर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और पुणे में सह-कार्यस्थल कंपनियों ने 2019 में 81 लाख वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र को पट्टे पर उठाया था।

साविल्स की रपट के मुताबिक चालू साल में यह क्षेत्रफल 34 लाख वर्ग फुट रहने का अनुमान है। यह देश में किराये पर उठने वाले कुल कार्यालय क्षेत्र का करीब 11 प्रतिशत है।

रपट के अनुसार 2020 में 2019 के मुकाबले संपत्तियों को किराये या पट्टे पर देने में कुल मिलाकर गिरावट आने का अनुमान है। इसकी वजह इन्हें किराये पर लेने वाली इकाइयों के निर्णय करने में देरी होना है।

हालांकि रपट में अगले दो साल में इस क्षेत्र में स्थिर बढ़ोतरी की उम्मीद जतायी गयी है।

रपट के अनुसार बेंगलुरु में इस साल 11 लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थल पट्टे पर लिए जाने का अनुमान है। पिछले साल यहां 23 लाख वर्ग फुट कार्यालय क्षेत्र को किराये पर लिया गया था।

इसी तरह हैदराबाद में इस साल 21 लाख वर्ग फुट से घटकर 11 लाख वर्ग फुट, दिल्ली-एनसीआर में 15 लाख वर्ग फुट से दो लाख वर्ग फुट, पुणे में 10 लाख वर्ग फुट से चार लाख वर्ग फुट, मुंबई में छह लाख वर्ग फुट से चार लाख वर्ग फुट और चेन्नई में छह लाख वर्ग फुट से गिरकर दो लाख वर्ग फुट कार्यालय स्थल के ही पट्टे पर उठने का अनुमान है।

भाषा शरद अजय

अजय


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