EPF Interest Rate: होली से पहले हो सकता है PF में बड़ा बदलाव! 2 मार्च को ब्याज दर पर दिग्गजों का अहम फैसला, क्या आपको मिलेगा लाभ?

EPF Interest Rate: EPFO की डिसीजन लेने वाली बॉडी, सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT), EPFO के निवेश रिटर्न के आधार पर ब्याज दर तय करती है। उम्मीद है कि इस बार भी EPFO 8.25% की ब्याज दर को बरकरार रखेगा, जो तीसरे साल लगातार समान रहेगा।

EPF Interest Rate: होली से पहले हो सकता है PF में बड़ा बदलाव! 2 मार्च को ब्याज दर पर दिग्गजों का अहम फैसला, क्या आपको मिलेगा लाभ?

(EPF Interest Rate/ Image Credit: IBC24 News)

Modified Date: February 18, 2026 / 05:42 pm IST
Published Date: February 18, 2026 5:27 pm IST
HIGHLIGHTS
  • EPFO की मीटिंग 2 मार्च को
  • ब्याज दर 8.25% पर बरकरार रहने की उम्मीद
  • EPFO मैनेज करता है 25-26 लाख करोड़ रुपये का फंड

नई दिल्ली: EPF Interest Rate इंप्लॉयज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) 2 मार्च 2026 को एक अहम बैठक करेगा, जिसमें इंप्लॉयज प्रोविडेंट फंड (EPF) पर मिलने वाले ब्याज दर को फाइनल किया जाएगा। इस मीटिंग में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) शामिल होगा, जो EPFO की प्रमुख डिसीजन लेने वाली बॉडी है। इस बोर्ड में सरकारी नॉमिनी, इंप्लॉयर रिप्रेजेंटेटिव और ट्रेड यूनियन सदस्य शामिल होते हैं।

ब्याज दर को लेकर उम्मीदें (Interest Rate)

सीबीटी की बैठक के दौरान EPFO द्वारा निवेश से मिलने वाले रिटर्न के आधार पर ब्याज दर तय की जाएगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, EPFO लगातार तीसरे साल भी 8.25% की ब्याज दर को बरकरार रख सकता है। यह दर 2025-26 के लिए तय की जाएगी। इसके साथ ही, राजनीतिक कारणों से भी सरकार कर्मचारियों के सेंटिमेंट को ध्यान में रखते हुए किसी भी कटौती से बचने की कोशिश कर सकती है, क्योंकि कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं।

EPFO का फंड (EPFO Funds)

EPFO लगभग 25-26 लाख करोड़ रुपए का फंड मैनेज करता है। यह EPF रिटायरमेंट प्लानिंग का एक अहम हिस्सा है, जो टैक्स-फ्री और गारंटीड रिटर्न प्रदान करता है। अक्सर, यह बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और छोटी सेविंग्स स्कीम्स से ज्यादा लाभकारी होता है। EPFO के द्वारा मैनेज किया गया यह फंड लाखों कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए काम करता है।

EPF विड्रॉल के नियमों में बदलाव (Easy EPF Withdrawal)

अक्टूबर में हुई पिछली मीटिंग में EPF पार्शियल विड्रॉल के नियमों को आसान बनाने का फैसला लिया गया था। अब 13 पुराने और मुश्किल नियमों को मिलाकर एक सरल और प्रभावी नियम बनाया गया है। यह नियम तीन कैटेगरी में बांटा गया है – जरूरी जरूरतें (जैसे बीमारी, शादी, पढ़ाई), घर की जरूरतें और खास हालात। इसके अलावा, अब शादी के लिए पांच बार और पढ़ाई के लिए दस बार तक पार्शियल विड्रॉल किया जा सकता है। इसके साथ ही, सभी पार्शियल विड्रॉल के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को घटाकर सिर्फ 12 महीने कर दिया गया है, जिससे EPF मेंबर्स के लिए यह प्रक्रिया और भी सरल हो गई है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।