उच्च भंडार, मजबूत वैश्विक कीमतों के बीच फरवरी में कोयला आयात 8.5 प्रतिशत घटा

उच्च भंडार, मजबूत वैश्विक कीमतों के बीच फरवरी में कोयला आयात 8.5 प्रतिशत घटा

उच्च भंडार, मजबूत वैश्विक कीमतों के बीच फरवरी में कोयला आयात 8.5 प्रतिशत घटा
Modified Date: April 12, 2026 / 04:15 pm IST
Published Date: April 12, 2026 4:15 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) देश में घरेलू कोयले के रिकॉर्ड भंडार और समुद्री मार्ग से ढुलाई की कीमतों में मजबूती के कारण फरवरी में भारत का कोयला आयात 8.5 प्रतिशत घटकर 1.65 करोड़ टन रह गया।

एमजंक्शन सर्विसेज लिमिटेड के अनुसार, फरवरी 2024-25 में यह आयात 1.81 करोड़ टन था। वहीं, जनवरी 2026 के 1.66 करोड़ टन के मुकाबले फरवरी में आयात लगभग स्थिर रहा। एमजंक्शन सर्विसेज एक बी2बी ई-कॉमर्स मंच है। यह टाटा स्टील और सेल का संयुक्त उद्यम है।

कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय वर्मा ने कहा कि घरेलू कोयले का भंडार अधिक होने और समुद्री मार्ग से ढुलाई की कीमतों के ऊंचे बने रहने से तापीय कोयले के आयात में कमी आई है।

उन्होंने कहा कि घरेलू खनन कंपनियां अपने भंडार को कम करने की कोशिश कर रही हैं, इसलिए इस महीने भी आयात कमजोर रह सकता है।

फरवरी में कुल आयात में गैर-कोकिंग कोयले का हिस्सा 98 लाख टन रहा, जो पिछले साल के 1.1 करोड़ टन से कम है। वहीं, कोकिंग कोयले का आयात 39 लाख टन रहा, जो पिछले साल के 37.9 लाख टन से थोड़ा अधिक है।

अप्रैल से फरवरी, 2025-26 के दौरान गैर-कोकिंग कोयले का आयात 13.76 करोड़ टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 15.22 करोड़ टन से कम है। वहीं, कोकिंग कोयले का आयात 5.43 करोड़ टन रहा, जो पिछले वर्ष के 4.96 करोड़ टन से अधिक है।

कोयला आयात में यह गिरावट देश में कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के प्रयासों के बीच आई है।

भाषा योगेश अजय

अजय


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