जयपुर, चार मार्च (भाषा) राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि श्री अन्न (मोटा अनाज) और इनसे बने उत्पादों को एक बार फिर खानपान की मुख्यधारा में लाने की जरूरत है।
देवनानी ने सोमवार को बीकानेर में एक कार्यक्रम में कहा कि श्री अन्न स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होते हैं। ‘मोटा खाओ, मोटा पहनो’ की कहावत को फिर से साकार करने की जरूरत है।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि उत्पादन बढ़ाने की होड़ में आज गेहूं आदि के उत्पादन में अत्यधिक रासायनिक उर्वरक और खाद का अंधाधुंध उपयोग किया जा रहा है। इससे कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। हसके मद्देनजर हमें श्रीअन्न अपनाने की जरूरत है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कृषि वैज्ञानिकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहें। उनके अनुसंधान गांव के अंतिम छोर पर बैठे किसान और मजदूर की आवश्यकताओं को पूरा करेंगे, तभी उनकी पहल सार्थक होगी।
भाषा कुंज
रंजन रमण
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