मारुति सुजुकी के हंसलपुर संयंत्र की चौथी इकाई में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू
मारुति सुजुकी के हंसलपुर संयंत्र की चौथी इकाई में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू
नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (एमएसआईएल) ने बृहस्पतिवार को गुजरात के हंसलपुर स्थित अपने संयंत्र की चौथी इकाई में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने की घोषणा की।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी नियामकीय सूचना में बताया कि 2.5 लाख वाहनों के उत्पादन की वार्षिक क्षमता वाली इस नई इकाई के शुरू होने से हंसलपुर संयंत्र की कुल उत्पादन क्षमता 7.5 लाख वाहन से बढ़कर 10 लाख वाहन प्रति वर्ष हो गई है।
एमएसआईएल ने कहा, “यह पहली बार है जब सुजुकी के इतिहास में किसी एक विनिर्माण स्थल की वार्षिक उत्पादन क्षमता 10 लाख वाहन तक पहुंच गई है। इसके साथ ही हंसलपुर संयंत्र किसी एक जगह पर यात्री वाहन उत्पादन का देश का सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।”
कंपनी ने बताया कि हंसलपुर संयंत्र के ‘प्लांट डी’ में उत्पादन शुरू होने के बाद हरियाणा और गुजरात में स्थित उसके सभी संयंत्रों की कुल उत्पादन क्षमता 29 लाख इकाइयां प्रति वर्ष हो गई है।
एमएसआईएल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने कहा कि मजबूत बुनियादी ढांचे और प्रगतिशील औद्योगिक माहौल के चलते गुजरात कंपनी के लिए एक प्रमुख विनिर्माण एवं निर्यात केंद्र के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा, “नई उत्पादन इकाई से हमें घरेलू और वैश्विक मांग को बेहतर ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी और ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ दृष्टि को आगे बढ़ाने के साथ वैश्विक उपस्थिति मजबूत होगी।”
ताकेउची ने यह भी कहा कि गुजरात में हंसलपुर और प्रस्तावित साणंद संयंत्र एक साथ मिलकर भारत में सालाना 40 लाख इकाइयों के उत्पादन के दीर्घकालिक लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मारुति सुजुकी ने हंसलपुर परियोजना में अब तक कुल 25,288.7 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिसमें चौथी इकाई के विकास पर करीब 3,900 करोड़ रुपये निवेश होने का अनुमान है।
इस नई इकाई में शुरुआत में कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहन ‘ई-विटारा’ का उत्पादन होगा। हंसलपुर संयंत्र में फिलहाल फ्रॉन्क्स, बलेनो, स्विफ्ट और ई-विटारा मॉडल का उत्पादन होता है।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
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