कंपनियों को आशंका, पश्चिम एशिया संकट से कीमतों में होगा इजाफा

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कंपनियों को आशंका, पश्चिम एशिया संकट से कीमतों में होगा इजाफा

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  • Publish Date - March 2, 2026 / 08:32 PM IST,
    Updated On - March 2, 2026 / 08:32 PM IST

नयी दिल्ली, दो मार्च (भाषा) बिस्कुट कंपनी पारले प्रोडक्ट्स का मानना है कि ईरान में अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के बाद पश्चिम एशिया संघर्ष बढ़ने से पैकेजिंग सामग्री और माल ढुलाई की लागत में वृद्धि होगी।

पारले प्रोडक्ट्स के उपाध्यक्ष मयंक शाह ने पीटीआई-भाषा को बताया कि अगर क्षेत्र में संघर्ष बढ़ता है, तो लागत में वृद्धि होगी और यह उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

भारतीय कंपनियों पर संघर्ष के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि मौजूदा स्थिति का असर दो लागत वस्तुओं पर पड़ेगा। एक पैकेजिंग सामग्री है, जो कच्चे तेल से प्राप्त होती है, और दूसरा माल ढुलाई है… उम्मीद यह है कि संघर्ष वास्तव में लंबा नहीं खिंचना चाहिए और हम यही चाहते हैं।’’

इस पर मैरिको और डाबर जैसे अन्य रोजमर्रा के उपभोग का सामान (एफएमसीजी) कंपनियों ने कोई टिप्पणी नहीं की।

दूसरी ओर, कार विनिर्माता मारुति सुजुकी इंडिया ने कहा कि वह क्षेत्र में अपने निर्यात पर संभावित प्रभाव की स्थिति पर करीब से नजर रख रही है।

मासिक बिक्री के बारे में पूछे जाने पर मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी, राहुल भारती ने कहा, ‘‘हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। हालांकि, निर्यात क्षेत्र के रूप में पश्चिम एशिया में हमारी पहुंच बहुत अधिक नहीं है। उदाहरण के लिए, इस साल यह हमारे कुल निर्यात का लगभग 12.5 प्रतिशत ही है।’’

इस वित्त वर्ष की अप्रैल-फरवरी अवधि में मारुति सुजुकी इंडिया का कुल निर्यात 4,00,734 इकाई रहा, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 2,99,617 इकाई था।

भारती ने कहा कि कंपनी लगभग 100 देशों को निर्यात करती है और उसने यह सुनिश्चित किया है कि उसका पोर्टफोलियो अच्छी तरह से विविध हो और स्वाभाविक रूप से जोखिम रहित हो।

टाटा मोटर्स समूह के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारे पास यात्री वाहनों में पश्चिम एशिया में कोई निर्यात नहीं है और पश्चिम एशिया में हमारे वाणिज्यिक वाहनों का निर्यात बहुत महत्वपूर्ण रूप से नहीं है।’’

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय