कंपनियां नकली सामान की तस्करी रोकने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों से सूचना साझा करें: सीबीआईसी प्रमुख

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कंपनियां नकली सामान की तस्करी रोकने के लिए प्रवर्तन एजेंसियों से सूचना साझा करें: सीबीआईसी प्रमुख

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 02:45 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 02:45 PM IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि कंपनियों को देश में तस्करी के जरिये लाए जा रहे नकली सामान के बारे में उपलब्ध जानकारी प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा करनी चाहिए।

चतुर्वेदी ने कहा कि सिगरेट, सौंदर्य प्रसाधन और दवाओं जैसे नकली उत्पाद स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा करते हैं। इनकी बिक्री से होने वाली आय का उपयोग प्राय: संगठित अपराध और आतंकवाद के वित्त पोषण में किया जाता है। ऐसे में उपभोक्ताओं के बीच इनके नुकसान को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि सीबीआईसी उच्च जोखिम वाले माल की अधिक सटीक पहचान के लिए बिना सामान खोले जांच करने वाली तकनीक, आंकड़ा विश्लेषण, जोखिम प्रबंधन प्रणाली, स्वचालित जांच और खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाई का इस्तेमाल मजबूत कर रहा है। इसका उद्देश्य वैध कारोबार में कम-से-कम हस्तक्षेप सुनिश्चित करना है।

फिक्की-कैस्केड के ‘मैस्क्रेड 2026’ कार्यक्रम में चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। कारोबारियों के पास अपने उत्पादों, वितरण नेटवर्क और बाजार के तौर-तरीकों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी होती है। उद्योग और सीमा शुल्क जैसी प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अधिक सूचना साझा करने से संदिग्ध खेप, तस्करी के नए मार्गों और अपराध के नए तौर-तरीकों की पहचान में मदद मिल सकती है।’’

उन्होंने कहा कि आज नकली उत्पादों में खिलौने, इलेक्ट्रॉनिक सामान, सौंदर्य प्रसाधन, दवाएं और अन्य वस्तुएं शामिल हैं, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं। ये उत्पाद भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की गुणवत्ता जांच से बचकर बाजार में पहुंचते हैं। इसका नुकसान केवल वैध ब्रांडों के कारोबार तक सीमित नहीं है।

चतुर्वेदी ने कहा कि राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) और सीमा शुल्क विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में नकली सामान की बड़ी खेप जब्त की है।

उन्होंने कहा कि सीमाओं पर सीमा शुल्क की जांच का उद्देश्य कारोबार की गति धीमी करना नहीं, बल्कि वैध व्यापार को अधिक तेज, सुरक्षित और सुगम बनाना है। नकली सामान वैध माल ढुलाई ढांचे का इस्तेमाल कर समानांतर आपूर्ति श्रृंखला तैयार करते हैं। इसलिए सीमा शुल्क विभाग प्रवर्तन कार्रवाई के लिए तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ा रहा है।

सीबीआईसी प्रमुख ने कहा, “हमारा उद्देश्य अवैध आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करना है। समय के साथ तस्करी का स्वरूप बदल रहा है। माल छिपाने के साथ-साथ गलत घोषणा, कई स्तरों वाली आपूर्ति श्रृंखला, वैध व्यापार माध्यमों का दुरुपयोग, कुरियर और इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य नेटवर्क तथा डिजिटल संचार और भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।’’

भाषा रमण निहारिका

निहारिका