प्रतिस्पर्धा आयोग ने उड़ानें रद्द होने के मामले में इंडिगो के खिलाफ जांच के आदेश दिए
प्रतिस्पर्धा आयोग ने उड़ानें रद्द होने के मामले में इंडिगो के खिलाफ जांच के आदेश दिए
नयी दिल्ली, चार फरवरी (भाषा) भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने परिचालन अड़चनों के कारण दिसंबर में हजारों उड़ानें रद्द किए जाने के मामले में बुधवार को देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो के खिलाफ विस्तृत जांच का आदेश दिया।
घटना के करीब दो महीने बाद जारी इस आदेश में सीसीआई ने कहा कि बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द कर इंडिगो ने अपनी निर्धारित क्षमता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बाजार से हटा लिया, जिससे कृत्रिम अभाव की स्थिति पैदा हुई और व्यस्त मांग के दौरान यात्रियों की हवाई यात्रा तक पहुंच सीमित हुई।
आयोग ने कहा, “किसी प्रभुत्वशाली कंपनी की तरफ से ऐसे आचरण को प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा चार (2)(बी)(आई) के तहत सेवाओं की आपूर्ति सीमित करने के रूप में देखा जा सकता है।”
प्रतिस्पर्धा अधिनियम की धारा चार बाजार में दबदबे की स्थिति के दुरुपयोग से संबंधित है।
सीसीआई ने कहा कि प्रथम दृष्टया इंडिगो का यह आचरण भारत में प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव डालता प्रतीत होता है। इसके मद्देनजर आयोग ने मामले की विस्तृत जांच के लिए अपने महानिदेशक को निर्देश दिए हैं।
आयोग ने अपने आदेश में यह भी कहा कि दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो को बड़े स्तर पर परिचालन बाधाओं का सामना करना पड़ा था। इसके बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयरलाइन के 10 फरवरी तक लागू शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी थी।
सीसीआई के मुताबिक, तीन से पांच दिसंबर के बीच इंडिगो की 2,507 उड़ानें रद्द की गईं जबकि 1,852 उड़ानें विलंब से रवाना हुईं। इस दौरान देशभर के हवाई अड्डों पर तीन लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
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