नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) सरकार ने बिजली ग्रिड के लिए स्वदेशी पावर सेमीकंडक्टर और मॉड्यूल विकसित करने की दिशा में उद्योग जगत से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू की है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बिजली मंत्रालय और पावरग्रिड के साथ मिलकर अंतिम प्रस्ताव जारी करने से पहले हितधारकों से सुझाव लेने के लिए बृहस्पतिवार को परामर्श की शुरुआत की।
मंत्रालय ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह परामर्श सिलिकॉन कार्बाइड (एसआईसी) एमओएसएफईटी आधारित पावर मॉड्यूल के स्वदेशी डिजाइन, विकास, योग्यता निर्धारण और आपूर्ति के लिए है। इन मॉड्यूल का इस्तेमाल वीएससी-एचवीडीसी प्रौद्योगिकी में किया जाएगा।
वीएससी-एचवीडीसी एक उन्नत बिजली पारेषण प्रौद्योगिकी है, जिसमें सेमीकंडक्टर की मदद से बिजली को घरों, कार्यालयों और उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले विद्युत उपकरणों की जरूरत के अनुरूप बदला जाता है।
मंत्रालय के मुताबिक, इच्छुक पक्ष आठ अक्टूबर तक अपने सवाल और सुझाव भेज सकते हैं और हितधारक परामर्श 14 अक्टूबर को होगा।
भारतीय कंपनियां, स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) अकेले या अधिकतम चार भागीदारों के समूह के रूप में इसमें भाग ले सकते हैं। शैक्षणिक संस्थान, राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं और अनुसंधान एवं विकास संस्थान भी भागीदार बन सकते हैं।
सरकार का उद्देश्य रणनीतिक बिजली ग्रिड अनुप्रयोगों के लिए आयातित प्रौद्योगिकी पर निर्भरता कम करना है। शुरुआती खरीद के लिए करीब 13,000 मॉड्यूल की प्रतिबद्धता जताई गई है।
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प्रेम अजय
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