नयी दिल्ली, एक मार्च (भाषा) केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने कहा है कि पात्र विनिर्माता आयातक (ईएमआई) योजना एक अप्रैल से लागू होगी, और ऐसे आयातक बिना सीमा शुल्क दिए अपने आयातित सामान निकाल सकेंगे।
वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि बाद में सीमा शुल्क भुगतान की सुविधा उन पात्र विनिर्माता आयातकों (ईएमआई) के लिए उपलब्ध होगी जो सीमा शुल्क, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अनुपालन, कारोबार, वित्तीय स्थिति अपने पिछले रिकॉर्ड से जुड़े तय मापदंड को पूरा करते हैं।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस सुधार से कारोबार सुगमता की स्थिति बेहतर होगी, अनुपालन संस्कृति मजबूत होगी, एईओ (अधिकृत आर्थिक परिचालक) कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर भागीदारी को बढ़ावा देने और घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देने में मदद मिलेगी।’’
मौजूदा एईओ-टी1 (अधिकृत आर्थिक परिचालक-टी1) इकाई, जिनमें सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) भी शामिल हैं, जो पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं, वे भी इस योजना के पात्र होंगे।
इसमें आगे कहा गया, ‘‘यह सुविधा एक अप्रैल, 2026 से उपलब्ध होगी, और 31 मार्च, 2028 तक लागू रहेगी।’’ इस पहल के तहत, ईएमआई से आयातित सामान लिया जा सकेगा, लेकिन उस समय सीमा शुल्क नहीं देना होगा। इसके बजाय, लागू शुल्क का भुगतान ‘आयात शुल्क का बाद में भुगतान नियम-2016’ के तहत बाद में किया जा सकेगा। इससे विनिर्माता बेहतर तरीके से अपने नकदी प्रवाह और कार्यशील पूंजी का प्रबंधन कर सकेंगे।
ईएमआई योजना को भरोसे पर आधारित सुविधा के तौर पर डिजाइन किया गया है, जो नियमों का पालन करने वाले विनिर्माताओं को आसान प्रक्रिया का लाभ उठाने का अवसर देती है। इसके अलावा इससे अनुपालन को भी बढ़ावा मिलेगा।
योजना की अवधि के दौरान, पात्र विनिर्माता आयातकों से से उम्मीद की जाती है कि वे धीरे-धीरे एईओ-टी2 या एईओ-टी3 का दर्जा हासिल कर लेंगे, जिससे एईओ कार्यक्रम के तहत उन्हें बेहतर सुविधा, तेज मंजूरी और प्राथमिकता वाला दर्जा मिल सके।
ईएमआई योजना के तहत आवेदन एईओ पोर्टल पर एक मार्च, 2026 से किए जा सकते हैं।
आम बजट 2026-27 में भरोसेमंद विनिर्माताओं के लिए बाद में सीमा शुल्क के भुगतान की नई सुविधा की घोषणा की गई थी।
भाषा अजय अजय
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