प्रवासी मजदूरों के लिए पांच किलो वाले गैस सिलेंडर का दैनिक कोटा दोगुना हुआ
प्रवासी मजदूरों के लिए पांच किलो वाले गैस सिलेंडर का दैनिक कोटा दोगुना हुआ
नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) सरकार ने पश्चिम एशिया में तनाव के चलते गैस आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच ईंधन उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रवासी श्रमिकों के लिए बाजार मूल्य वाले पांच किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर का दैनिक कोटा दोगुना कर दिया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मंगलवार को यहां नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि छह अप्रैल को जारी पत्र के जरिये राज्यों को दैनिक कोटा बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। यह कोटा मार्च की शुरुआत की औसत दैनिक आपूर्ति का दोगुना कर दिया गया है।
आमतौर पर घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर के उलट पांच किलोग्राम वाले सिलेंडर बाजार दर पर उपलब्ध होते हैं। दिल्ली में इसकी कीमत 549 रुपये है, जबकि 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर 913 रुपये का है।
कामकाज की तलाश में आने वाले प्रवासी श्रमिकों के पास अक्सर नियमित एलपीजी कनेक्शन नहीं होता है, इसलिए उन्हें राहत देने के लिए यह कदम उठाया गया है। ये छोटे सिलेंडर एलपीजी वितरक को पहचान पत्र दिखाकर आसानी से खरीदे जा सकते हैं।
शर्मा ने बताया कि 23 मार्च से अब तक पांच किलो वाले करीब 7.8 लाख सिलेंडर की बिक्री हो चुकी है। अकेले सोमवार को ही 1.06 लाख से अधिक छोटे सिलेंडर बिक गए।
इसके साथ ही, वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति को भी पश्चिम एशिया संकट से पहले के स्तर के करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ाया जा चुका है और जमाखोरी एवं कालाबाजारी रोकने के लिए 4,300 से अधिक छापे मारे गए हैं।
उन्होंने लोगों से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी से बचने की अपील करते हुए कहा कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और खुदरा बिक्री केंद्र सामान्य ढंग से काम कर रहे हैं।
शर्मा ने ईंधन आपूर्ति के स्थिर रहने का जिक्र करते हुए कहा कि राज्यों को इससे जुड़ी भ्रामक सूचनाओं से निपटने के लिए नियमित ब्रीफिंग करनी चाहिए।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
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