डालमिया भारत 4,000 करोड़ रुपये जुटाएगी, 2030-31 तक क्षमता को 11-13 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य
डालमिया भारत 4,000 करोड़ रुपये जुटाएगी, 2030-31 तक क्षमता को 11-13 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य
नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) देश की चौथी सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी डालमिया भारत ने अपनी विस्तार योजनाओं को गति देने के लिए विभिन्न माध्यमों से 4,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की योजना बनाई है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक अपनी सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 11-13 करोड़ टन सालाना तक पहुंचाने का है।
कंपनी की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में लगभग 4.95 करोड़ क्षमता वाली डालमिया भारत मध्यम अवधि में इसे बढ़ाकर 7.5 करोड़ टन तक ले जाना चाहती है। इसके लिए कंपनी अधिग्रहण और अपनी मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार का इस्तेमाल करेगी।
कंपनी का मानना है कि केंद्र सरकार के बुनियादी ढांचा निवेश, निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय और शहरीकरण के साथ बढ़ती आवास मांग के कारण आने वाले वर्षों में सीमेंट की मांग 6-7 प्रतिशत की सालाना दर से बढ़ेगी।
कंपनी ने कहा कि वर्ष 2031 तक 11-13 करोड़ टन क्षमता हासिल करने की उसकी योजना इसी मांग वृद्धि के अनुमान को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके तहत कंपनी उन क्षेत्रों में भी विस्तार करेगी जहां उसकी मौजूदगी सीमित है या नहीं है, साथ ही मौजूदा बाजारों में क्षमता वृद्धि कर बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी ध्यान देगी।
विस्तार योजनाओं के वित्तपोषण के लिए कंपनी आगामी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में 4,000 करोड़ रुपये तक जुटाने का प्रस्ताव शेयरधारकों के समक्ष रखेगी। कंपनी के निदेशक मंडल ने 23 मई, 2026 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
कंपनी यह राशि इक्विटी शेयर, पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी), ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट (जीडीआर), अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट (एडीआर), विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड (एफसीसीबी), परिवर्तनीय डिबेंचर और अन्य प्रतिभूतियों के जरिये जुटा सकती है।
इस राशि का उपयोग पूंजीगत व्यय, कर्ज के भुगतान, कार्यशील पूंजी की जरूरतों, अनुषंगी कंपनियों में निवेश और अन्य सामान्य कंपनी कामकाज में किया जाएगा।
वर्तमान में भारत में केवल दो सीमेंट कंपनियों की उत्पादन क्षमता 10 करोड़ टन सालाना से अधिक है। इनमें सबसे आगे अल्ट्राटेक सीमेंट है, जिसकी कुल क्षमता 20.55 करोड़ टन है। इसके बाद अंबुजा सीमेंट की क्षमता 10.9 करोड़ टन है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पुनीत डालमिया तथा प्रबंध निदेशक गौतम डालमिया ने कहा कि कंपनी भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के अनुरूप अपनी रणनीति तैयार कर रही है और एक अखिल भारतीय सीमेंट कंपनी के रूप में उभरना चाहती है।
उन्होंने बताया कि दूसरे चरण की विस्तार योजना के तहत कंपनी ने बेलगावी, पुणे और कडप्पा में 1.2 करोड़ क्षमता बढ़ाने के लिए 6,800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की घोषणा की है। इसके अलावा, उत्तरी तमिलनाडु में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए चेन्नई के निकट एक बल्क टर्मिनल भी विकसित किया जा रहा है।
हाल ही में कंपनी ने जयप्रकाश एसोसिएट्स की मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश स्थित सीमेंट परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए 2,850 करोड़ रुपये के उपक्रम मूल्य पर समझौता किया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में डालमिया भारत ने 3,083 करोड़ रुपये का अब तक की सर्वाधिक वार्षिक कर पूर्व आय दर्ज की है। इस दौरान उसका राजस्व छह प्रतिशत बढ़कर 14,804 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 65 प्रतिशत बढ़कर 1,157 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
भाषा अजय अजय
अजय

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