बीड, 13 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र सरकार के पशुधन क्षेत्र को कृषि का दर्जा देने के फैसले से बड़े पैमाने पर गांव में उद्यमशीलता बढ़ाने में मदद मिलेगी क्योंकि इससे ऋण और सब्सिडी आसानी से मिल सकेगी। प्रदेश की पशुपालन मंत्री, पंकजा मुंडे ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
वह यहां परली वैजनाथ में तीन दिन के महा पशुधन प्रदर्शनी 2026 के उद्घाटन के मौके पर बोल रही थीं।
मुंडे ने कहा, ‘‘इस कदम से पशुपालक खेती की दरों पर ऋण ले सकेंगे और पशुपालन के कामों के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी पा सकेंगे। लोगों को इस क्षेत्र को गांव में रोजगार के एक टिकाऊ स्रोत के तौर पर विकसित करने के लिए पहल करनी चाहिए।’’
मंत्री ने आगे कहा कि पशुपालन को एक पूरे उद्योग में बदलने की कोशिशें चल रही हैं।
मुंडे ने नेता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘‘अजित पवार की पहल पर बारामती और परली वैजनाथ में पशुपालन कॉलेज के प्रस्ताव को पहले ही मंज़ूरी मिल गई थी, जो प्रदर्शनी के बड़े स्तर की तारीफ करते।’’ पवार की 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी और उनकी याद में वहां पर एक अलग पवेलियन बनाया गया है।
कार्यक्रम स्थल पर खास तौर पर डिजाइन किए गए पवेलियन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए पशुओं को दिखाया गया है, जिसमें गाय, बैल, घोड़े और बकरियों की अलग-अलग नस्लें, साथ ही कई तरह के पक्षी शामिल हैं। आयोजक के मुताबिक, सबसे खास बात यह है कि देश की सबसे छोटी गाय को दिखाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शनिवार को प्रदर्शनी देखने आएंगे। भाषा राजेश राजेश रमण
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