JNKVV Training Program: किसानों ने सीखे पारंपरिक धान किस्मों के संरक्षण और मूल्य संवर्धन के गुर.. जेएनकेवीवी में एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

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JNKVV Training Program: जेएनकेवीवी जबलपुर में पारंपरिक धान संरक्षण व मूल्य संवर्धन पर प्रशिक्षण, किसानों को बीज उत्पादन और पंजीकरण की जानकारी।

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  • Publish Date - February 13, 2026 / 10:51 PM IST,
    Updated On - February 13, 2026 / 11:02 PM IST

JNKVV Training Program || Image- IBC24 News File

HIGHLIGHTS
  • पारंपरिक धान संरक्षण पर प्रशिक्षण
  • PPV&FR कानून की दी जानकारी
  • किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

जबलपुर: जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (जेएनकेवीवी) के जेनेटिक्स एवं प्लांट ब्रीडिंग विभाग द्वारा किसानों के लिए “पारंपरिक धान किस्मों का संरक्षण एवं मूल्य संवर्धन” (JNKVV Training Program) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।

कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा ने किसानों को संबोधित

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश में धान की सैकड़ों किस्में उपलब्ध हैं, लेकिन पारंपरिक देशी किस्मों का संरक्षण और विकास बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कई पारंपरिक किस्में कम लागत में अच्छी उपज देती हैं और जैविक खेती के लिए भी उपयुक्त हैं।

डॉ. मिश्रा ने पादप किस्म संरक्षण एवं कृषक अधिकार कानून (PPV&FR) के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसान अपनी विकसित किस्मों का पंजीकरण कराकर कानूनी सुरक्षा और आर्थिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। (JNKVV Training Program) इससे उनकी आय में वृद्धि संभव है।

बढ़ेगा किसानों का आत्मविश्वास और जागरूकता

विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में वैज्ञानिक और पारंपरिक खेती के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। किसानों को अपनी पारंपरिक धान किस्मों का संरक्षण करना चाहिए, ताकि भविष्य में उनका बेहतर उपयोग किया जा सके। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने बीज उत्पादन, किस्म चयन और संरक्षण की प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। (JNKVV Training Program) कार्यक्रम को किसानों के आत्मविश्वास और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह प्रयास प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी उपलब्धि है।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. अश्वल सिंह ने दिया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. आशीष कुमार गुप्ता ने किया। इस अवसर पर डॉ. रजनी तोमर, डॉ. प्रमोद गुप्ता, डॉ. शिवशंकर, डॉ. रश्मिना शर्मा, डॉ. विनोद गौतम, विशेष उपाध्यक्ष प्रशांत नामदेव और अपूर्व सोनी सहित कई किसान और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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Q1. प्रशिक्षण कार्यक्रम किस विषय पर आयोजित हुआ?

पारंपरिक धान किस्मों के संरक्षण और मूल्य संवर्धन विषय पर।

Q2. किसानों को कौन-सी कानूनी जानकारी दी गई?

PPV&FR कानून के तहत किस्म पंजीकरण और अधिकारों की जानकारी।

Q3. इस कार्यक्रम का किसानों को क्या लाभ होगा?

आय वृद्धि, बीज संरक्षण और वैज्ञानिक जानकारी से आत्मविश्वास बढ़ेगा।