दो रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ दिवाला समाधान शुरू करने का फैसला बरकरार

दो रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ दिवाला समाधान शुरू करने का फैसला बरकरार

दो रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ दिवाला समाधान शुरू करने का फैसला बरकरार
Modified Date: February 2, 2026 / 07:44 pm IST
Published Date: February 2, 2026 7:44 pm IST

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा स्थित दो रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) शुरू करने के निर्णय को बरकरार रखा।

इस आदेश के बाद भसीन इन्फोटेक एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड और ग्रैंड वेनेजिया कमर्शियल टावर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कर्ज समाधान प्रक्रिया शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है।

न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने दोनों कंपनियों के पूर्व निदेशकों की तरफ से दायर अपील को खारिज कर दिया।

पीठ ने कहा कि डेवलपर खरीदारों को तैयार इकाई मुहैया कराने में नाकाम रहे और इस वाणिज्यिक परियोजना का काम पूरा होने के संबंध में भी अदालत को गुमराह किया।

न्यायमूर्ति कुमार ने कहा, “न तो परियोजना का निर्माण पूरा हुआ है और न ही इकाइयों का कब्जा सभी आवश्यक औपचारिकताओं के बाद सभी आवंटियों को दिया जा सका है।”

इसके साथ ही उच्चतम न्यायालय ने दोनों रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी पर मुहर लगा दी।

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने दिसंबर, 2023 में दिवाला याचिका को मंजूरी दी थी, जिसे बाद में अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी ने भी बरकरार रखा था।

यह मामला 2021 में ग्रेटर नोएडा के ग्रैंड वेनेजिया वाणिज्यिक टावर के 141 आवंटियों की तरफ से दायर याचिका से शुरू हुआ था। आवंटियों का आरोप था कि मई, 2013 तक कब्जा देने का वादा किया गया था, लेकिन इकाइयां उपयोग लायक नहीं थीं। डेवलपर ने सुनिश्चित रिटर्न का भुगतान भी 2014 में बंद कर दिया था।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय


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