एआई कौशल की मांग प्रौद्योगिकी नौकरियों में 17 गुना, गैर-प्रौद्योगिकी पदों पर छह गुना बढ़ीः रिपोर्ट

एआई कौशल की मांग प्रौद्योगिकी नौकरियों में 17 गुना, गैर-प्रौद्योगिकी पदों पर छह गुना बढ़ीः रिपोर्ट

एआई कौशल की मांग प्रौद्योगिकी नौकरियों में 17 गुना, गैर-प्रौद्योगिकी पदों पर छह गुना बढ़ीः रिपोर्ट
Modified Date: July 17, 2026 / 06:30 pm IST
Published Date: July 17, 2026 6:30 pm IST

नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) कृत्रिम मेधा (एआई) की समझ अब कार्यस्थल पर एक बुनियादी क्षमता बनती जा रही है। प्रौद्योगिकी से जुड़ी नौकरियों के 15.4 प्रतिशत विवरण में एआई कौशल का जिक्र है, जबकि गैर-प्रौद्योगिकी भूमिकाओं में भी एआई कौशल की मांग करीब छह गुना बढ़ गई है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

नौकरी डॉट कॉम की ‘वर्ल्ड एआई डे रिपोर्ट-2026’ के मुताबिक, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के नौकरी विवरणों में एआई कौशल का उल्लेख 2020 के 0.9 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 15.4 प्रतिशत हो गया है। पिछले छह वर्षों में नियोक्ताओं की मांग में लगभग 17 गुना वृद्धि परिलक्षित होती है।

रिपोर्ट को 80 से अधिक उद्योगों और 15 से अधिक शहरों के करीब 27,000 पेशेवरों से प्राप्त जानकारी के साथ तीन लाख से अधिक नौकरी विवरणों का विश्लेषण कर तैयार किया गया है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई का उपयोग अब पारंपरिक प्रौद्योगिकी कार्यों से आगे बढ़ रहा है। गैर-प्रौद्योगिकी क्षेत्र के नौकरी विवरणों में एआई संबंधी कौशल का उल्लेख 2020 के 0.26 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 1.59 प्रतिशत हो गया, जो लगभग छह गुना वृद्धि दर्शाता है।

रिपोर्ट कहती है कि एआई कौशल वाले पेशेवरों का महत्व बढ़ने के साथ उन्हें वेतन के मामले में भी स्पष्ट बढ़त मिल रही है।

इन्फो एज (इंडिया) लिमिटेड के समूह मुख्य विपणन अधिकारी (सीएमओ) सुमीत सिंह ने कहा, ‘‘भारत में एआई अब भविष्य की बात नहीं है बल्कि यह वर्तमान में काम करने के तरीके को बदल रहा है। इसका असर नौकरी विवरणों, भर्ती के रुझानों, कार्यस्थल पर इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और करियर संबंधी फैसलों में दिखाई दे रहा है। अब असल मुद्दा तैयारी का है।’’

रिपोर्ट के अनुसार, एआई कौशल वाले पेशेवरों का औसत वेतन आईटी और गैर-आईटी दोनों क्षेत्रों में एआई कौशल से रहित कर्मचारियों की तुलना में अधिक है। साथ ही, एआई आधारित पदों में पिछले चार वर्षों के दौरान वेतन वृद्धि भी अधिक रही है।

इसमें कहा गया कि एआई से जुड़ी नियुक्तियों में सबसे तेज वृद्धि 13 से 16 वर्ष के अनुभव वाले पेशेवरों में दर्ज की गई। इसके बाद 16 वर्ष से अधिक अनुभव वाले पेशेवर रहे।

इसके अलावा, 40-49 लाख रुपये और 50 लाख रुपये या उससे अधिक के वेतन वर्गों में भी भर्ती की मांग उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनियां ऐसे अनुभवी पेशेवरों में निवेश कर रही हैं, जो एआई आधारित बदलाव का नेतृत्व कर सकें।

रिपोर्ट के मुताबिक, एआई का उपयोग विशेष रूप से उत्पाद प्रबंधन, डेटा साइंस एवं विश्लेषण तथा इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर और गुणवत्ता आश्वासन (क्यूए) जैसे एआई-प्रधान क्षेत्रों में कार्यरत पेशेवरों के बीच सबसे अधिक है।

इसके अनुसार, भारत में एआई का सफर अब एक नए चरण में पहुंच गया है, जहां कंपनियां तेजी से एआई अपना रही हैं और विशेष कौशल की मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं कार्यबल के कौशल विकास में निरंतर निवेश ही यह तय करेगा कि कंपनियां और पेशेवर एआई की पूरी क्षमता का कितना प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर पाते हैं।

भाषा निहारिका प्रेम

प्रेम


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