गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर की मांग ठंडी, शीतल पेय और आइसक्रीम की बिक्री बढ़ी

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गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर की मांग ठंडी, शीतल पेय और आइसक्रीम की बिक्री बढ़ी

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  • Publish Date - June 28, 2026 / 11:11 AM IST,
    Updated On - June 28, 2026 / 11:11 AM IST

नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में गर्मी से जुड़े उत्पादों की मांग में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। मौसम में आए बदलाव और महंगाई के दबाव के कारण एयर कंडीशनर (एसी) की बिक्री अपेक्षा से कमजोर रही है। वहीं ठंडे पेय, आइसक्रीम, डेयरी उत्पाद और अन्य ताजगी देने वाले उत्पादों की मांग मजबूत बनी रही।

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि जून में कई हिस्सों में बेमौसम बारिश, आंधी और शाम के समय अपेक्षाकृत कम तापमान रहने से एसी की जरूरत कम महसूस हुई। वहीं बढ़ती कीमतों के कारण उपभोक्ता महंगे एसी खरीदने के बजाय एयर कूलर और पंखों जैसे अपेक्षाकृत सस्ते विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

गोदरेज एंटरप्राइजेज समूह के कारोबार प्रमुख और ईवीपी (उपकरण कारोबार) कमल नंदी ने कहा कि ठंडक प्रदान करने वाले उत्पादों की श्रेणी में मांग का रुख मिला-जुला रहा। रेफ्रिजरेटर की मांग सामान्य और प्रीमियम दोनों वर्गों में मजबूत बनी हुई है, जबकि मानसून के आगमन के साथ वॉशिंग मशीन की मांग भी बढ़ रही है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि जून में पूरे देश, खासकर उत्तर भारत में एसी की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट आई है। उनके अनुसार, उद्योग स्तर पर एसी की बिक्री घटी है। इसकी बड़ी वजह मौसम में बदलाव है। कई क्षेत्रों में आंधी-बारिश और रात के समय तापमान कम रहने से लोगों को एसी की जरूरत पहले जैसी नहीं रही। इसके अलावा महंगाई के चलते उपभोक्ता गैर-जरूरी खर्च टाल रहे हैं।

नंदी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में कई दौर की मूल्य वृद्धि के कारण एसी की कीमतें करीब 18 से 20 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं। इसी वजह से कई उपभोक्ता एसी की जगह एयर कूलर और पंखों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

एक प्रमुख एसी कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस बार गर्मी का मौसम उद्योग की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा, विशेषकर जून का महीना कमजोर रहा। हालांकि, चालू वर्ष में अब तक उद्योग के कारोबार के मूल्य में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी और ऊंची कीमतें हैं।

इसके उलट पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों ने गर्मियों के दौरान मजबूत मांग दर्ज की। कोका-कोला भारत और दक्षिण-पश्चिम एशिया के उपाध्यक्ष (ग्राहक विकास) अभिषेक गुप्ता ने कहा कि कंपनी को पूरे गर्मी के मौसम में अच्छी मांग मिल रही है। छोटे पैक, क्विक कॉमर्स और चलते-फिरते उपभोग की बढ़ती प्रवृत्ति से बिक्री को मजबूती मिली है।

उन्होंने कहा कि कंपनी अपने बॉटलिंग साझेदारों के साथ मिलकर ठंडे पेय की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कूलिंग ढांचे और वितरण नेटवर्क का विस्तार कर रही है।

डेयरी क्षेत्र में भी इसी तरह का रुझान देखने को मिला। मदर डेयरी के प्रबंध निदेशक जयतीर्थ चारी ने कहा कि जून तिमाही में कंपनी के ताजा डेयरी उत्पादों और आइसक्रीम कारोबार की बिक्री मात्रा में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि आइसक्रीम, दही, डेयरी पेय और मूल्यवर्धित डेयरी उत्पादों की मजबूत मांग ने इस वृद्धि को गति दी।

हैवमोर आइसक्रीम के प्रबंध निदेशक देबब्रत मुखर्जी ने कहा कि कोन, स्टिक और सिंगल-सर्व कप जैसे त्वरित उपभोग वाले उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। फटाफट सामान पहुंचाने वाले मंच और तत्काल उपभोग की बढ़ती प्रवृत्ति से इन उत्पादों की बिक्री को विशेष बल मिला है।

डीएस ग्रुप के कारोबार प्रमुख (मसाला) संदीप घोष ने कहा कि गर्मियों के दौरान रायता मसाला, छाछ मसाला, जलजीरा और काला नमक जैसे पारंपरिक उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि यह रुझान दर्शाता है कि पारंपरिक भारतीय स्वाद और पेय आज भी ग्रामीण और शहरी, दोनों बाजारों में उपभोक्ताओं की पहली पसंद बने हुए हैं।

भाषा अजय अजय

अजय