शिमला, 27 जून (भाषा) राजस्व और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शनिवार को चंडीगढ़ से एयर कार्गो (वायु मार्ग से मालवहन) के जरिए ओमान के लिए 400 किलोग्राम चेरी और 400 किलोग्राम आलूबुखारे की पहली खेप को हरी झंडी दिखाई।
यहाँ जारी एक बयान में कहा गया है कि ये फल शिमला जिले के जाडोल-टिक्कर और बागी इलाकों के छह प्रगतिशील किसानों ने उगाए थे। बयान के अनुसार यह हिमाचल प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है।
नेगी ने कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी देश हिमाचल प्रदेश के फलों के लिए बड़े और अच्छे बाजार के तौर पर उभर रहे हैं। इस पहल से राज्य के गुठली वाले फलों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार के मौके खुलेंगे और किसानों को बेहतर कीमतें दिलाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
मंत्री ने कहा कि यह शुरुआत है और भविष्य में सेब व अन्य बागवानी उत्पादों के निर्यात के मौकों का पता लगाने के लिए कोशिश की जाएगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन और प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) नए निर्यात के मौके पैदा कर बागवानों के हितों को प्राथमिकता देना जारी रखेगा।
यह पहल एचपीएमसी ने भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपिडा) के सहयोग से शुरू की है।
पैकिंग, गुणवत्ता परीक्षण और निर्यात से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं का खर्च एचपीएमसी ने एपिडा की मदद से उठाया है।
भाषा राजेश राजेश अविनाश
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