मुंबई, 17 जनवरी (भाषा) विमानन क्षेत्र के नियामक डीजीसीए ने पिछले महीने हुए व्यापक उड़ान व्यवधान को लेकर शनिवार को इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और कंपनी के प्रमुख पीटर एल्बर्स के साथ-साथ दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की।
इसके अलावा, विमानन नियामक ने एयरलाइन को अपने निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने और दीर्घकालिक प्रणालीगत सुधार के लिए 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
इंडिगो ने दिसंबर की शुरुआत में सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दी थीं क्योंकि एयरलाइन पायलटों के वास्ते नए उड़ान ड्यूटी मानदंडों को लागू करने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार नहीं थी। उड़ानें रद्द किए जाने से देश भर में हजारों यात्री फंस गए थे।
इंडिगो के परिचालन में बड़े पैमाने पर व्यवधान के बाद, नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने संयुक्त महानिदेशक संजय के. ब्राह्मणे की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन किया था, ताकि ऐसे व्यवधानों के कारणों की व्यापक समीक्षा और मूल्यांकन किया जा सके। इस समिति ने पिछले साल 27 दिसंबर को डीजीसीए को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।
नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने आठ दिसंबर को राज्यसभा में इंडिगो के व्यापक परिचालन व्यवधान पर कहा था, “हम इस स्थिति को हल्के में नहीं ले रहे हैं। हम जांच कर रहे हैं। हम मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे।”
इस बीच, इंडिगो ने एक बयान में कहा कि कंपनी को उड़ान व्यवधान के संबंध में भारतीय नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आदेश प्राप्त हो चुके हैं।
विमानन कंपनी ने कहा, “इंडिगो का बोर्ड व प्रबंधन इन आदेशों का पूर्ण संज्ञान लेने के लिए प्रतिबद्ध हैं और विचारपूर्वक एवं समयबद्ध तरीके से उचित उपाय करेंगे।”
कंपनी ने बताया कि व्यवधान के बाद से इंडिगो की आंतरिक प्रक्रियाओं की मजबूती और कामकाज की गहन समीक्षा की जा रही है ताकि विमानन कंपनी इन घटनाओं से और भी मजबूत होकर उभर सके।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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