नयी दिल्ली, 26 सितंबर (भाषा) डियाजियो इंडिया ने अपने 125 साल पुराने प्रमुख व्हिस्की ब्रांड ‘मैकडॉवेल्स नंबर.1’ में व्यापक बदलाव किया है। कंपनी ने कहा कि इस बदलाव से प्रमुख श्रेणी में ब्रांड की स्थिति मजबूत करने और नए दौर के उपभोक्ताओं के बीच इसकी स्वीकार्यता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कंपनी ने बदलाव के तहत आयातित स्कॉच, भारतीय माल्ट और प्रमुख अनाज से तैयार नया मिश्रण पेश किया है। इसे चुनिंदा ओक और अमेरिकन बैरल में तैयार किया गया है तथा भारत और स्कॉटलैंड में मिश्रित किया गया है।
डियाजियो इंडिया ने बयान में कहा, ‘‘मैकडॉवेल्स नंबर.1 में किया गया बदलाव ब्रांड की पुरानी विरासत को आधुनिक रूप और अनुभव के साथ जोड़कर इसे मौजूदा उपभोक्ताओं के लिए प्रासंगिक बनाए रखने में मदद करेगा।’’
कंपनी के अनुसार, ब्रांड की नयी पहचान से आधुनिक और प्रमुख उत्पादों में रुचि रखने वाले वयस्क उपभोक्ताओं के बीच इसकी स्वीकार्यता बढ़ाने में मदद मिलेगी, जबकि मैकडॉवेल्स नंबर.1 से जुड़ी परिचित पहचान को बरकरार रखा जाएगा।
मैकडॉवेल्स नंबर.1 की सालाना बिक्री तीन करोड़ इकाई से अधिक की है। कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं की पसंद में बदलाव के बीच ब्रांड प्रमुख व्हिस्की श्रेणी को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में काम कर रहा है।
डियाजियो इंडिया ने कहा कि यह बदलाव केवल पैकेजिंग में परिवर्तन तक सीमित नहीं है। इसके तहत उत्पाद में बदलाव के साथ नयी बोतल और आधुनिक दृश्य पहचान भी पेश की गई है। कंपनी ने बताया कि बदलाव से पहले 11 बाजारों में 10,000 से अधिक उपभोक्ताओं को शामिल कर शोध किया गया था।
डियाजियो इंडिया की मुख्य विपणन अधिकारी रुचिरा जेटली ने कहा कि आज का व्हिस्की उपभोक्ता मूल्य को नए तरीके से देख रहा है और यह केवल किफायत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि गुणवत्ता, निर्माण-कौशल और अनुभव भी इसका हिस्सा हैं।
भाषा यासिर पाण्डेय
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