शहरी सहकारी बैंकों के लिए ‘किसी भी समय’ लाइसेंस को दिशानिर्देशों का मसौदा जल्द : गवर्नर

शहरी सहकारी बैंकों के लिए ‘किसी भी समय’ लाइसेंस को दिशानिर्देशों का मसौदा जल्द : गवर्नर

शहरी सहकारी बैंकों के लिए ‘किसी भी समय’ लाइसेंस को दिशानिर्देशों का मसौदा जल्द : गवर्नर
Modified Date: August 5, 2026 / 12:06 pm IST
Published Date: August 5, 2026 12:06 pm IST

मुंबई, पांच अगस्त (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) जल्द ही शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) के लिए ‘किसी भी समय’ लाइसेंस प्रणाली के तहत आवेदन संबंधी दिशानिर्देशों का मसौदा जारी करेगा।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए यह घोषणा की।

केंद्रीय बैंक ने इससे पहले दो दशक से अधिक समय से नए शहरी सहकारी बैंकों को लाइसेंस जारी करने पर लगी रोक हटाने और सार्वभौमिक बैंकों की तर्ज पर ‘ऑन-टैप लाइसेंसिंग’ (किसी भी समय) प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है।

गवर्नर ने बताया कि इस बारे में जनवरी, 2026 में परिचर्चा-पत्र जारी किया गया था और अब हितधारकों से सुझाव लेने के लिए दिशानिर्देशों का मसौदा जल्द जारी किया जाएगा।

गौरतलब है कि अतीत में कुछ शहरी सहकारी बैंकों में राजनीतिक हस्तक्षेप और कमजोर कामकाज के संचालन के कारण समय-समय पर वित्तीय संकट उत्पन्न होने की आशंकाओं के चलते नए लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी गई थी।

इस बीच, आरबीआई ने ग्रामीण सहकारी बैंकों के लिए केंद्रित जोखिम प्रबंधन (सीआरएम) संबंधी दिशानिर्देशों की समीक्षा की घोषणा भी की है।

गवर्नर ने कहा कि वर्ष 2008 में जारी ऋण निगरानी व्यवस्था (सीएमए) संबंधी निर्देश वर्तमान में लागू हैं, लेकिन बैंकिंग और सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में आए व्यापक बदलावों को देखते हुए इन्हें अद्यतन करना आवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा कि केंद्रित ऋण वितरण से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखते हुए मसौदा संशोधन दिशानिर्देश व्यापक हितधारक परामर्श के लिए जारी किए जाएंगे, ताकि सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को अधिक मजबूत और सुदृढ़ बनाया जा सके।

भाषा अजय अजय निहारिका

निहारिका


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