नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) सरकार ने सोमवार को निर्यात सहायता योजना ‘आरओडीटीईपी’ के तहत दिए जाने वाले शुल्क लाभ की दरों में 50 प्रतिशत की कटौती कर दी, जिसके बाद निर्यातक समुदाय ने इस निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की एक अधिसूचना के मुताबिक, निर्यातित उत्पादों पर शुल्क व करों की वापसी (आरओडीटीईपी) योजना के तहत लागू दरें और मूल्य-सीमा तत्काल प्रभाव से मौजूदा दरों के 50 प्रतिशत तक सीमित रहेंगी।
इस योजना के तहत अब तक 0.3 प्रतिशत से लेकर 3.9 प्रतिशत तक कर एवं शुल्क की वापसी दी जाती थी।
सरकार ने यह योजना वर्ष 2021 में शुरू की थी। इसका उद्देश्य निर्यातकों को विनिर्माण एवं वितरण प्रक्रिया के दौरान लगने वाले उन करों, शुल्कों एवं उपकरों की भरपाई करना है, जो केंद्र, राज्य या स्थानीय स्तर पर किसी अन्य व्यवस्था के तहत वापस नहीं किए जाते।
सरकार के इस कदम पर निर्यातक संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष एस. सी. रल्हन ने कहा कि दरों और मूल्य सीमा में 50 प्रतिशत की कटौती ऐसे समय में की गई है, जब भारतीय निर्यात वैश्विक मांग में सुस्ती, बढ़ती अनिश्चितता और संरक्षणवादी नीतियों जैसी चुनौतियों का पहले से ही सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हम सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार का अनुरोध करते हैं।”
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी महीने में देश का निर्यात 0.61 प्रतिशत की मामूली वृद्धि के साथ 36.56 अरब डॉलर रहा, जबकि व्यापार घाटा बढ़कर तीन महीने के उच्च स्तर 34.68 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
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