ईडी ने हैदराबाद के आभूषण, सर्राफा विक्रेताओं के खिलाफ नोटबंदी मामले में आरोपपत्र दायर किया

ईडी ने हैदराबाद के आभूषण, सर्राफा विक्रेताओं के खिलाफ नोटबंदी मामले में आरोपपत्र दायर किया

ईडी ने हैदराबाद के आभूषण, सर्राफा विक्रेताओं के खिलाफ नोटबंदी मामले में आरोपपत्र दायर किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:19 pm IST
Published Date: June 1, 2021 2:37 pm IST

नयी दिल्ली, एक जून (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नोटबंदी के समय 111 करोड़ रुपये के कोष की हेराफेरी के एक मामले में हैदराबाद के कुछ आभूषण और सर्राफा विक्रेताओं के खिलाफ अपना अंतिम आरोपपत्र दायर किया है।

मामला 2016 में देश में 500 और 2,000 रुपए के नोटों की बंदी के बाद कथित धनशोधन से जुड़ा है।

केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि उसने इस धोखाधड़ी में शामिल कैलाश गुप्ता, नितिन गुप्ता, निखिल गुप्ता और उनकी कंपनियां, उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट, सोना सर्राफा विक्रेता और साथ ही काले धन में योगदानकर्ताओं के खिलाफ धनशोधन निरोधक अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत आपराधिक आरोप तय किए गए हैं।

ईडी ने कहा, ‘कुल 41 इकाइयों/लोगों के खिलाफ धनशोधन के अपराध का आरोप तय किया गया है क्योंकि उन्होंने आठ नवंबर, 2016 को हुई नोटबंदी के बाद जानबूझकर बैंकों में (111 करोड़ रुपए की) धनराशि को परत दर परत रखा।’

आरोपपत्र सोमवार को दायर किया गया और इससे पहले भी हैदराबाद की विशेष पीएमएमएल अदालत में इस तरह की दो शिकायतें दायर की जा चुकी हैं।

ईडी ने कहा कि यह इस मामले से जुड़ा आखिरी आरोपपत्र है।

ईडी की यह जांच मुसद्दीलाल जेम्स एंड ज्वेल्स प्राइवेट लिमिटेड, वैष्णवी बुलियन प्राइवेट लिमिटेड, मुसद्दीलाल ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ है। हैदराबाद में तेलंगाना पुलिस द्वारा दर्ज की गयी प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की गयी।

बयान के मुताबिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने नोटबंदी का इस्तेमाल अपने अघोषित काले धन को सफेद धन में बदला और बड़ा मुनाफा कमाया। इन लोगों ने फर्जी बिक्री के 5,911 बिक्री बिल बनाये और इस काम को शाम आठ से रात 12 बजे की अल्पावधि के दौरान अंजाम देते हुये 111 करोड़ रुपये बैंकों में अपने खातों में जमा कराया।

मामले में एजेंसी ने जांच के दौरान आभूषण और 86 करोड़ रुपये सहित 130.57 करोड़ रुपये की संपत्ति को इस साल फरवरी में कुर्क कर लिया था।

भाषा

प्रणव महाबीर

महाबीर


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