सरकार ने भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन के लिए वैश्विक निवेशकों, उद्यमियों को आमंत्रित किया

सरकार ने भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन के लिए वैश्विक निवेशकों, उद्यमियों को आमंत्रित किया

सरकार ने भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन के लिए वैश्विक निवेशकों, उद्यमियों को आमंत्रित किया
Modified Date: July 23, 2026 / 09:39 pm IST
Published Date: July 23, 2026 9:39 pm IST

नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बृहस्पतिवार को वैश्विक निवेशकों को ‘भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

उन्होंने कहा कि दो से पांच नवंबर तक नयी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे।

भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है। इस लिहाज से यह सम्मेलन महत्वपूर्ण है।

जोशी ने सम्मेलन के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मुझे विश्वास है कि यह शिखर सम्मेलन नई साझेदारियां स्थापित करने, निवेश को बढ़ावा देने, नवोन्मेष को प्रोत्साहित करने और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं प्रदर्शनी’ 2026 का उद्घाटन करने की सहमति दे दी है।

जोशी ने कहा, ‘‘मैं दुनिया भर की सरकारों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, निवेशकों, शोधकर्ताओं, नवोन्मेषकर्ताओं, उद्यमियों और विकास भागीदारों को दो से पांच नवंबर, 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं।’’

उन्होंने कहा कि सम्मेलन में देशभर के कई मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इसके अलावा 34 देशों को आमंत्रित किया गया है। विभिन्न देशों के मंत्री, नीति निर्माता, राजदूत तथा सरकारी प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।

मंत्री ने कहा कि कि सम्मेलन नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनियां, प्रौद्योगिकी कंपनियों, विनिर्माता, बैटरी भंडारण कंपनियां, हरित हाइड्रोजन क्षेत्र की प्रमुख संस्थानों, वित्तीय संस्थान, अंतरराष्ट्रीय संगठन और निवेशकों को एक मंच पर लाएगा।

मंत्री ने कहा कि इस बार का आयोजन विशेष होगा क्योंकि इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) की नौवीं महासभा और हरित हाइड्रोजन पर चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।

इन तीनों वैश्विक आयोजनों के एक साथ होने से उद्योग, वित्त और शोध संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने तथा स्वच्छ ऊर्जा के अगले चरण के समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में भारत 300 गीगावाट गैर-जीवाश्म यानी स्वच्छ ईंधन आधारित स्थापित बिजली क्षमता का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगले कुछ सप्ताह में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी परिवारों की संख्या 50 लाख के पार पहुंच जाएगी।

इस अवसर पर जोशी ने सम्मेलन के आधिकारिक प्रतीक चिन्ह ‘ऊर्जा चक्र’ भी पेश किया।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा चक्र स्वराज, जन कल्याण और विश्व कल्याण की उस सोच का प्रतीक है, जिसने भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा का मार्गदर्शन किया है।

ऊर्जा स्वराज का अर्थ है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को स्वयं पूरा करने और घरेलू क्षमताओं के विकास के जरिये ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने।

मंत्री ने सम्मेलन के लिए एक डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप्लिकेशन भी जारी किया। इसके माध्यम से दुनिया भर की सरकारें और उद्योग इस आयोजन में भागीदारी कर सकेंगे।

भाषा रमण अजय

अजय


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