(Electronics Price Hike/Image Credit: AI-generated)
बिजनेस: Electronics Price Hike: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले एक बार फिर उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लगने वाला है। एयर कंडीशनर (AC), LED टीवी, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामानों के दाम (Electronics Price Hike) बढ़ाने की तैयारी है। कंपनियां कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते अलग-अलग उत्पादों की कीमतों में करीब 3 से 8 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। इस साल यह तीसरी बार होगा जब कई कंपनियां कीमतों में इजाफा करेंगी।
AC की कीमतों में करीब 5 से 8 फीसदी तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। वहीं कुछ कंपनियां वॉशिंग मशीन, फ्रिज और LED टीवी के दाम करीब 3 से 4 फीसदी (Electronics Price Hike) बढ़ाने की तैयारी में हैं। कई कंपनियां पहले ही कीमतें बढ़ा चुकी हैं। लेकिन कुछ कंपनियां अभी बाजार की स्थिति और ग्राहकों की मांग को देखते हुए आगे का फैसला कर रही हैं।
कंपनियों के मुताबिक तांबा, एल्युमिनियम, स्टील, प्लास्टिक और कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों की कीमत बढ़ने से उत्पादन लागत बढ़ गई है। इसके अलावा माल ढुलाई महंगी होने और विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव का भी असर पड़ा है। कंपनियों का कहना है कि लागत बढ़ने के कारण उत्पादों की कीमतों में बदलाव करना जरूरी हो गया है।
AC बनाने में तांबे का इस्तेमाल काफी होता है इसलिए इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ता है। हायर इंडिया के मुताबिक तांबे की कीमत पिछले साल करीब 8,000-9,000 डॉलर प्रति टन से बढ़कर लगभग 14,500 डॉलर तक पहुंच गई है। कंपनी 1 अक्टूबर से AC की कीमत करीब 5 फीसदी बढ़ाने की तैयारी में है। LED टीवी और वॉशिंग मशीन भी 2-3 फीसदी तक महंगे हो सकते हैं।
डाइकिन ने 16 सितंबर से कीमतों में 8-10 फीसदी तक वृद्धि की जानकारी दी है। ब्लू स्टार और अन्य कंपनियां भी अलग-अलग उत्पादों की कीमतें बढ़ा (Electronics Price Hike) चुकी हैं। सुपर प्लास्ट्रॉनिक्स ने अक्टूबर के बाद टीवी की कीमतों में करीब 7 फीसदी तक बढ़ोतरी की योजना बताई है। वहीं गोदरेज एंटरप्राइजेज के अनुसार, जिंस लागत में 8-10 फीसदी वृद्धि हुई है, जिससे 5-7 फीसदी तक कीमत बढ़ाना जरूरी हो गया है।
त्योहारी सीजन में नवरात्रि से दिवाली तक इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरणों की बिक्री बढ़ती है। उद्योग के अनुसार, इस अवधि का सालाना बिक्री में करीब 30-40 फीसदी योगदान रहता है। ऐसे में कंपनियों के सामने कीमत बढ़ाने और मांग बनाए रखने के बीच संतुलन की चुनौती है। लेकिन पुराने दाम पर खरीदा गया स्टॉक कुछ समय तक बाजार में उपलब्ध रह सकता है, इसलिए कुछ उत्पाद दिवाली तक पुराने दाम पर भी उपलब्ध हो सकते हैं।