ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की क्षमता 2026 में 10 गुना होकर पांच गीगावाट पहुंचने का अनुमान: आईईएसए

ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की क्षमता 2026 में 10 गुना होकर पांच गीगावाट पहुंचने का अनुमान: आईईएसए

ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं की क्षमता 2026 में 10 गुना होकर पांच गीगावाट पहुंचने का अनुमान: आईईएसए
Modified Date: January 6, 2026 / 05:20 pm IST
Published Date: January 6, 2026 5:20 pm IST

नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) देश में बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता में इस साल करीब 10 गुना वृद्धि होगी जिससे यह 2025 के 507 मेगावाट से बढ़कर पांच गीगावाट पर पहुंच जाएगी। मंगलवार को जारी इंडिया एनर्जी स्टोरेज एलायंस (आईएसई) के एक अध्ययन में यह बात सामने आई।

रिपोर्ट के अनुसार, जहां 2025 अभूतपूर्व निविदा गतिविधि से परिभाषित था वहीं 2026 वह वर्ष होगा जब उद्योग परिचालन रूप से खुद को साबित करेगा क्योंकि 2023 के मध्य से दी गई निविदाओं के अंततः 18-24 महीनों की विशिष्ट परियोजना समयसीमा के साथ चालू परिसंपत्तियों में तब्दील हो जाएगी।

इस अध्ययन पर आईईएसए की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत का ऊर्जा भंडारण क्षेत्र 2026 में एक परिवर्तनकारी उछाल के लिए तैयार है जिसमें बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता में वृद्धि 2025 में 507 मेगावाट से लगभग 10 गुना बढ़कर लगभग पांच गीगावाट (5,000 मेगावाट) तक होने का अनुमान है।

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इसमें कहा गया कि कि 2026 एक महत्वपूर्ण मोड़ है क्योंकि उद्योग निविदा प्रक्रिया से कार्यान्वयन की ओर अग्रसर है जिसमें 60 गीगावाट की परियोजनाएं कार्यान्वयन चरण में प्रवेश कर रही हैं, जबकि 2025 में संचयी क्षमता (कार्यान्वयन के तहत) में 84 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 224 गीगावाट तक पहुंच गई।

आईईएसए के अध्यक्ष देबमाल्य सेन ने बयान में कहा, ‘‘ सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि इन परियोजनाओं का प्रदर्शन किए गए वादों के अनुरूप है या नहीं।’’

भाषा निहारिका रमण

रमण


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