Virat Ramayan Mandir: 47 दिनों में विराट रामायण मंदिर पहुंचा 33 फीट लंबा शिवलिंग, दर्शन को उमड़ी भीड़, पांच नदियों के जल से होगा अभिषेक
Virat Ramayan Mandir: आस्था का केंद्र बना विराट रामायण मंदिर, शिवलिंग के दर्शन को उमड़ी भीड़, पांच नदियों के जल से होगा अभिषेक
Virat Ramayan Mandir | Photo Credit: IBC24 Customize
- 33 फीट लंबा शिवलिंग महाबलीपुरम से 47 दिन में पहुंचा
- 17 जनवरी को क्रेन से स्थापना और हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा होगी
- पांच नदियों के जल से अभिषेक कर 1008 शिवलिंग का पुण्य फल मिलेगा
चंपारण: विश्व का सबसे बड़ा 33 फीट लंबा शिवलिंग विराट रामायण मंदिर (Virat Ramayan Mandir) प्रांगण में पहुंच गया है। ये मंदिर बिहार के पूर्वी चंपारण के केसरिया नगर में स्थित है। शिवलिंग मंदिर परिसर में पहुंचते ही यहां भक्तों की भीड़ उमड़ गई है। लोग यहां दर्शन करने के लिए रोजाना सुबह शाम पहुंच रहे हैं।
Bihar News शिवलिंग को तमिलनाडु के महाबलीपुरण से केसरिया स्थित विराट रामायण मंदिर पहुंचने में करीब 47 दिन का समय लग गया। यात्रा के दौरान जहां-जहां 96 चक्कों वाला ट्रक रुका, वहां दर्शन के लिए भारी भीड़ जमा हो गई। बिहार पहुंचने पर गोपालगंज से शिवलिंग को डुमरिया पुल होते हुए विराट रामायण मंदिर में सोमवार की रात में ही पहुंचाना पड़ा।
आपको बता दें कि मंदिर प्रांगण में स्थापित शिवलिंग के कारण क्षेत्र ने मेला जैसा स्वरूप ले लिया है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगातार प्रांगण में उमड़ रही है, जिससे माहौल भक्तिमय बना हुआ है। बुधवार को एसडीएम शिवानी शुभम और मंदिर सचिव सायण कुणाल के नेतृत्व में मंदिर प्रांगण और शिवलिंग से जुड़े अब तक किए गए कार्यों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की और शेष बचे कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
भोपाल से आया 750 टन क्षमता वाला विशाल क्रेन
बता दें कि इस शिवलिंग को 17 जनवरी को स्थापित किया जाएगा। स्थापित करने के लिए भोपाल से 750 टन क्षमता वाला विशाल क्रेन लगाया गया है। इस प्रक्रिया में तीन से चार घंटे का समय लग सकता है। स्थापना को लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। स्थापना से पहले निर्माण की तैयारी की जा रही है और विधिवत पूजा-पाठ किया जाएगा। स्थापना के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
पुष्प वर्षा के लिए आया हेलीकॉप्टर
श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण के रूप में शिवलिंग पर पुष्प वर्षा की भी योजना बनाई गई है। इसके लिए हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई है, जिससे पुष्प वर्षा कराई जाएगी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, साफ-सफाई और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अयोध्या से पंडितों को आमंत्रित किया गया है। शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा के बाद में होगी।
पांच नदियों के जल से होगा अभिषेक
प्राण प्रतिष्ठा के बाद शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए पांच नदियों का जल मंगाया गया है। जिसमें हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर, सोनपुर के नदियों का जल शामिल है। मान्यता है कि इसके जलाभिषेक से 1008 शिवलिंग का पुण्य फल प्राप्त होता है।
विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग 🔥
जो तमिलनाडु के महाबलीपुरम में बनाया गया
उसे आज बिहार लाया गया जिसे अब रामायण मंदिर में स्थापित किया जायेगा ✍️हर हर महादेव ✊ pic.twitter.com/MBqMpwfNwE
— Deepak Sharma (@SonOfBharat7) January 4, 2026

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