MP Air Pollution Latest News: प्रदेश की राजधानी भी भीषण ‘एयर पॉल्यूशन’ की चपेट में.. CPCB ने इन 8 शहरों घोषित किया ‘नॉन-अटेनमेंट सिटी’..
Madhya Prdesh Air Pollution Latest News: भवन निर्माण से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी उपकरण लगाना, निर्माण सामग्री ढककर रखना, भारी वाहनों को कवर करना और साइट में प्रवेश से पहले वाहनों की धुलाई अनिवार्य की गई है। नियमों का पालन नहीं करने पर परियोजना की मंजूरी रद्द की जा सकती है।
Madhya Prdesh Air Pollution Latest News || Image- IBC24 News File Archive
- MP के 8 शहर नॉन-अटेनमेंट घोषित
- भोपाल-इंदौर में AQI गंभीर स्तर
- NGT ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
भोपाल: मध्य प्रदेश में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। (Madhya Prdesh Air Pollution Latest News) राज्य के भोपाल और इंदौर समेत कुल 8 शहरों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इस पर गंभीर चिंता जताते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने राज्य सरकार से 8 सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
8 शहर ‘नॉन-अटेनमेंट सिटी’ घोषित (MP ‘Non-attainment cities’ List)
भोपाल में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) तय मानकों से नीचे चला गया है और कई इलाकों में यह बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति पर्यावरण के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर संकट पैदा कर रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने इन 8 शहरों को ‘नॉन-अटेनमेंट सिटी’ घोषित किया है, यानी ऐसे शहर जो तय वायु गुणवत्ता मानकों को लगातार पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
ओडिशा में भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने पर जोर (Odisha is grappling with air pollution)
इधर, ओडिशा भी प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। इसे लेकर ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (OSPCB) के वरिष्ठ अधिकारियों, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के सलाहकारों, स्वच्छता अधिकारियों और क्षेत्रीय आयुक्तों की एक अहम बैठक हुई। (Madhya Prdesh Air Pollution Latest News) बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल और सख्त कदम उठाने पर जोर दिया गया।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए इन उपायों को अपनाने का फैसला (Air pollution control measures)
विस्तृत विचार-विमर्श के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। लिंगराज मंदिर क्षेत्र में प्रदूषण कम करने के लिए एक वाहन पर लगी फॉगिंग मशीन से प्रतिदिन 3 से 4 घंटे तक पानी का छिड़काव किया जाएगा, जिससे मंदिर परिसर, बाजार और बस स्टैंड को कवर किया जा सकेगा। धार्मिक संस्थानों को छोड़कर कोयला या लकड़ी आधारित चूल्हों का उपयोग करने वाले होटल, ढाबे, स्कूल, कल्याण मंडप और पिकनिक स्थलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।
सीआरयूटी बस डिपो और बस स्टैंड पर बसों की प्रतिदिन सफाई, धुलाई और जल छिड़काव अनिवार्य किया गया है। (Madhya Prdesh Air Pollution Latest News) इसके साथ ही खुले में कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मध्याह्न भोजन योजना के तहत स्कूलों में खाना पकाने के लिए केवल स्वच्छ ईंधन के उपयोग को अनिवार्य किया गया है। वहीं, पिकनिक स्थलों पर मार्च 2026 तक ठोस ईंधन के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। सड़कों की स्थिति सुधारने और धूल नियंत्रण के लिए आईडीसीओ को दिन में तीन बार पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पीएम10 और पीएम2.5 के स्तर को कम किया जा सके।
बैठक में आयुक्त का स्पष्ट निर्देश (Meeting on air pollution in Odisha)
भवन निर्माण से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं के लिए वायु गुणवत्ता निगरानी उपकरण लगाना, निर्माण सामग्री ढककर रखना, भारी वाहनों को कवर करना और साइट में प्रवेश से पहले वाहनों की धुलाई अनिवार्य की गई है। नियमों का पालन नहीं करने पर परियोजना की मंजूरी रद्द की जा सकती है। (Madhya Prdesh Air Pollution Latest News) इसके अलावा, निर्माण और विध्वंस अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए बीएमसी द्वारा पुनर्चक्रण संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सभी रेडी मिक्स प्लांट्स को भी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि भुवनेश्वर में स्वच्छ वायु और बेहतर जनस्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए इन सभी उपायों को सख्ती से लागू किया जाएगा।

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