उद्योग आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करें, रसायन उत्पादों का आयात कम करें: सचिव तेजवीर सिंह

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उद्योग आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करें, रसायन उत्पादों का आयात कम करें: सचिव तेजवीर सिंह

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  • Publish Date - May 21, 2026 / 07:50 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 07:50 PM IST

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) रसायन एवं पेट्रोरसायन सचिव तेजवीर सिंह ने बृहस्पतिवार को रसायन उत्पादों के भारी आयात पर चिंता जताते हुए उद्योग से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के बीच आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।

उद्योग निकाय एसोचैम द्वारा आयोजित ‘इंडिया स्पेशलिटी केमिकल्स कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं और उद्योग के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि वह और सुझावों के लिए तैयार है।

उन्होंने भारत के रसायन क्षेत्र के 1,000 करोड़ डॉलर के बाजार आकार को हासिल करने के लिए एक रणनीतिक रूपरेखा तैयार करने में सरकार और उद्योग के बीच सहयोग की जरूरत पर भी जोर दिया।

सचिव ने कहा कि सरकार घरेलू रसायन और पेट्रोरसायन विनिर्माण परिवेश को मजबूत करने के लिए एक नई योजना बना रही है। कुल 3,000 करोड़ रुपये के खर्च से तीन रसायन पार्क बनाने का भी प्रस्ताव है।

उन्होंने कहा, ‘सामान्य तौर पर देखा जाए तो पेट्रोलियम क्षेत्र के बाद यह क्षेत्र दूसरा सबसे बड़ा आयात बिल वाला क्षेत्र है, और सदी की शुरुआत के बाद से हमारा व्यापार घाटा काफी बढ़ गया है। इसलिए, यह दोहराने की आवश्यकता नहीं है कि एक देश के रूप में यह हमारी प्रमुख चिंताओं में से एक है।’

सिंह ने कहा कि इस क्षेत्र में तकनीकी बाधाएं और अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) में कम निजी निवेश दूसरी बड़ी चिंता है।

तीसरी चुनौती के बारे में बात करते हुए सचिव ने कहा, ‘हम इस समय वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। पश्चिम एशिया के संकट ने आपूर्ति श्रृंखला को बुरी तरह प्रभावित किया है।’

उन्होंने कहा, ‘वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में इस क्षेत्र के लिए अपेक्षाकृत अधिक आत्मनिर्भर होना महत्वपूर्ण है। आप सभी इस बात से सहमत होंगे कि शायद 100 प्रतिशत आत्मनिर्भरता हासिल करना बहुत कठिन होगा, लेकिन निश्चित रूप से हमें आज की तुलना में कहीं अधिक आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता है।’

उन्होंने कहा, ‘इस संघर्ष ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की कमियों को उजागर कर दिया है। कभी-कभी जिस युद्ध को हमने नहीं शुरू किया, उसके नकारात्मक नतीजों का सामना हमें बड़े पैमाने पर करना पड़ता है।’

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने इससे निपटने के लिए कई उपाय किए हैं।

सचिव ने बताया कि चौथी चुनौती व्यापार और शुल्क से जुड़ी है, जो कि प्रतिस्पर्धी देशों से होने वाली डंपिंग है और कहा कि इस पर तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत है।

सिंह ने कहा, ‘‘अब जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और कहीं ज्यादा साफ ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ना जरूरी है।’’

भाषा राजेश राजेश योगेश अजय

अजय