नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में इक्विटी पूंजी निवेश 2025 में सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 14.25 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। रियल एस्टेट सलाहकार सीबीआरई ने बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
डेवलपर, संस्थागत निवेशकों और रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) सहित विभिन्न स्रोतों से इक्विटी पूंजी निवेश कैलेंडर वर्ष 2024 में 11.43 अरब डॉलर रहा था।
सीबीआरई की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में निवेश परिदृश्य में भूमि/विकास स्थलों का दबदबा रहा। इसने कुल निवेश का 46 प्रतिशत से अधिक आकर्षित किया। इसके बाद निर्मित कार्यालय परिसंपत्तियों की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत रही।
सीबीआरई के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया एवं अफ्रीका) अंशुमान मैगजीन ने कहा कि भूमि तथा विकास आधारित निवेशों का प्रभुत्व, साथ ही कार्यालय और गोदाम परिसंपत्तियों में बढ़ती रुचि बाजार के परिपक्व होने को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि 2025 के दौरान स्थल(साइट)/भूमि अधिग्रहण में कुल निवेश का 60 प्रतिशत से अधिक आवासीय एवं कार्यालय विकास परियोजनाओं में लगाया गया।
मैगजीन ने कहा, ‘‘ घरेलू पूंजी की व्यापकता और इसके साथ लगातार विदेशी निवेश के समर्थन से भारत 2026 में भी मजबूत गति बनाए रखने की बेहतर स्थिति में है।’’
सीबीआरई के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में कुल पूंजी निवेश में डेवलपर की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत जबकि संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत थी।
प्रमुख शहरों में, वर्ष 2025 में मुंबई में सबसे अधिक 24 प्रतिशत पूंजी निवेश हुआ। इसके बाद बेंगलुरु (20 प्रतिशत) और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (11 प्रतिशत) का स्थान रहा।
भाषा निहारिका
निहारिका