नयी दिल्ली, आठ जून (भाषा) यूरोपीय संघ ने अपने संशोधित नियामकीय रूपरेखा के तहत, सितंबर के बाद जलीय कृषि उत्पादों (एक्वाकल्चर उत्पादों), अंडे, शहद और पशु मांस के विशेष हिस्से (एनिमल केसिंग) का निर्यात जारी रखने की मंजूरी पाने वाले देशों की सूची में भारत को शामिल किया है।
वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि यूरोपीय संघ ने एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (रोगाणुरोधी प्रतिरोध) को लेकर बढ़ती चिंताओं को देखते हुए नियमन (ईयू) 2021:405 में बदलाव की जानकारी दी है।
यह बदला हुआ नियमन सितंबर 2026 से लागू होगा और यूरोपीय संघ (ईयू) को जानवरों से मिलने वाले खास उत्पादों का निर्यात करने वाले देशों के लिए अतिरिक्त शर्तें तय करता है।
मंत्रालय ने कहा कि मंजूरी पाने वाले देशों की सूची में भारत के शामिल होने से सितंबर 2026 के बाद भी यूरोपीय संघ बाजार में इन उत्पादों का निर्यात जारी रहेगा।
यह खास तौर पर मत्स्यपालन क्षेत्र के लिए अहम है, क्योंकि भारत से ईयू को मछली और मछली से बने उत्पादों का निर्यात अभी लगभग 1.59 अरब डॉलर का है।
वाणिज्य विभाग नियामकीय जरूरतों और बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए यूरोपीय आयोग के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है, जबकि ईआईसी (निर्यात निगरानी परिषद) ने यूरोपीय संघ के नियमों के मुताबिक बेहतर निगरानी, जांच और प्रमाणीकरण प्रणाली के जरिए भारत के आधिकारिक नियंत्रण प्रणाली को मजबूत किया है।
भाषा राजेश राजेश रमण
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