पश्चिम एशिया तनाव के बावजूद एक्जिम बैंक ने चालू वित्त वर्ष में 10 प्रतिशत ऋण वृद्धि का रखा लक्ष्य

पश्चिम एशिया तनाव के बावजूद एक्जिम बैंक ने चालू वित्त वर्ष में 10 प्रतिशत ऋण वृद्धि का रखा लक्ष्य

पश्चिम एशिया तनाव के बावजूद एक्जिम बैंक ने चालू वित्त वर्ष में 10 प्रतिशत ऋण वृद्धि का रखा लक्ष्य
Modified Date: May 18, 2026 / 01:39 pm IST
Published Date: May 18, 2026 1:39 pm IST

मुंबई, 18 मई (भाषा) भारतीय निर्यात-आयात बैंक (एक्जिम) ने पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद वित्त वर्ष 2026-27 में अपने ऋण खंड में 10 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य रखा है।

भारतीय निर्यातकों को समर्थन देने वाले इस बैंक की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हर्षा बंगारी ने कहा कि बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 10 प्रतिशत ऋण वृद्धि का लक्ष्य रख रहा है।

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए यह वृद्धि लक्ष्य वित्त वर्ष 2025-26 में हासिल 12 प्रतिशत वृद्धि से कम है।

बंगारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ हमारे ऋण खंड का 58 प्रतिशत विदेशी मुद्रा में है जबकि शेष रुपये में है। मुद्रा उतार-चढ़ाव का वित्त वर्ष 2025-26 की ऋण वृद्धि पर लगभग पांच प्रतिशत तक सकारात्मक प्रभाव पड़ा।’’

उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्त वर्ष 2026-27 में 10 प्रतिशत की ऋण वृद्धि का लक्ष्य स्थिर मुद्रा आधार पर रखा गया है।

उन्होंने कहा कि बैंक को निर्यातकों से वित्तपोषण की मांग जारी रहने की उम्मीद है। साथ ही भविष्य में रुपये में दिए जाने वाले ऋणों का हिस्सा और बढ़ने की संभावना है।

एक्जिम बैंक द्वारा दिया जाने वाला अधिकतर ऋण मध्यम से दीर्घकालिक होता है जिस पर पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारकों का अपेक्षाकृत कम प्रभाव पड़ता है।

पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि बैंक का उस क्षेत्र में जोखिम बहुत कम है और पुनर्भुगतान पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि, क्षेत्र में परियोजना गतिविधियां प्रभावित होने से नए ऋण वृद्धि पर कुछ असर पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि संकट लंबा खिंचता है तो आपूर्ति शृंखला में व्यवधान के कारण निर्यातकों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है जिससे वे राजस्व बढ़ाने के लिए घरेलू बाजार पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।

अमेरिकी शुल्क का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों ने बाजारों में विविधता लाकर स्थिति का सामना किया जिससे प्रणाली में मजबूती दिखती है।

बंगारी ने कहा कि बैंक वित्त वर्ष 2026-27 में 99,500 करोड़ रुपये उधार लेने की योजना बना रहा है जो वित्त वर्ष 2025-26 के 86,000 करोड़ रुपये से अधिक है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की उधारी योजना में 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर की विदेशी उधारी शामिल है जबकि इसके लिए निर्गम की सटीक रूपरेखा अभी तय की जानी बाकी है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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