क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन ने धान, सोयाबीन, मक्का, कपास के लिए छह नए उत्पाद किए पेश
क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन ने धान, सोयाबीन, मक्का, कपास के लिए छह नए उत्पाद किए पेश
नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड ने धान, सोयाबीन, मक्का और कपास की फसलों में खरपतवार, रोग, कीट तथा पोषण प्रबंधन के लिए छह नए उत्पाद पेश किए हैं।
कंपनी ने मंगलवार को बयान में कहा कि उसने सोयाबीन के लिए ‘सामोरियन’ नामक शाकनाशी पेश किया है, जिसमें घास तथा चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों के नियंत्रण के लिए पेटेंट प्राप्त त्रि-स्तरीय कार्यप्रणाली (थ्री-वे मोड ऑफ एक्शन) का उपयोग किया गया है।
इसके अलावा, मक्का के लिए ‘ताकुरो’ नामक संयुक्त शाकनाशी भी पेश किया गया है, जो तेजी से प्रणालीगत प्रभाव के साथ लंबे समय तक अवशिष्ट का नियंत्रण प्रदान करता है।
बयान के अनुसार, धान के लिए फफूंदनाशी उत्पादों की श्रृंखला में ‘जेबेरिया’ पेश किया गया है, जो फफूंद तथा जीवाणु जनित रोगों के नियंत्रण के लिए है। इसके अलावा मैक्सेंट्रा नामक दोहरे प्रभाव वाला फफूंदनाशी भी पेश किया गया है, जो व्यापक स्तर पर रोग नियंत्रण के लिए तैयार किया गया है।
कंपनी ने ‘वैल्ट्रुवा’ नामक कपास के लिए एक कीटनाशी भी पेश किया है, जिसमें ‘‘स्मार्ट ट्रिपल एक्शन टेक्नोलॉजी’’ का उपयोग कर रस चूसने वाले कीटों का नियंत्रण किया जाता है।
कंपनी के अनुसार, छठा उत्पाद ‘केजीआर-टी’ एक जैविक पोषण समाधान है, जिसे क्रिस्टल के ग्रीन-एजी मंच के तहत विकसित किया गया है। इससे पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता और फसलों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अंकुर अग्रवाल ने कहा, ‘‘ भारतीय कृषि तेजी से बदल रही है। जलवायु संबंधी अनिश्चितता, कीटों की बदलती प्रकृति और प्रत्येक एकड़ से बढ़ती अपेक्षाएं कृषि नवाचार की नई पीढ़ी की मांग करती हैं।’’
कंपनी के मुख्य व्यवसाय अधिकारी (ब्रांड) सोहित सत्यावली ने कहा कि इन उत्पादों को भारत के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में किए गए क्षेत्रीय परीक्षणों के बाद विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ इन उत्पादों के साथ किसानों तथा हमारे वितरण भागीदारों को व्यापक उत्पाद श्रृंखला उपलब्ध कराने की हमारी क्षमता और मजबूत होगी।’’
भाषा निहारिका अजय राजेश
राजेश

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