कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से किसानों को मिल सकता है बेहतर मूल्य : उपमुख्यमंत्री मौर्य

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कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण से किसानों को मिल सकता है बेहतर मूल्य : उपमुख्यमंत्री मौर्य

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 08:26 PM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 08:26 PM IST

ग्रेटर नोएडा, 28 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि यदि कृषि उत्पादों का समय पर प्रसंस्करण किया जाए, तो खाद्य पदार्थों की बर्बादी को कम करने के साथ किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य दिलाया जा सकता है।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के अंतर्गत ‘खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023’ पर आयोजित विशेष सत्र को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में मजबूत स्थिति में है और बड़ी मात्रा में सब्जियां, फल तथा अन्य कृषि उत्पाद यहां उपलब्ध होते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इन उत्पादों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण, पैकेजिंग और ब्रांडिंग कर किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं।’

मौर्य ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को गांव और जिले के स्तर तक मजबूत किया जाए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मंडियों में बड़ी मात्रा में कृषि उत्पाद पहुंचते हैं, लेकिन उचित प्रसंस्करण एवं भंडारण की व्यवस्था नहीं होने से कई बार इनका बड़ा हिस्सा खराब हो जाता है।

उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है। इसमें पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन, परिवहन और निर्यात जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में अवसर उपलब्ध हैं। युवा, महिला उद्यमी और स्वयं सहायता समूह इस क्षेत्र में आगे आकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के खाद्य उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। यूरोप, अमेरिका सहित दुनिया के प्रमुख बाजारों में खाद्य उत्पादों के लिए निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन आवश्यक है। उद्यमियों को उत्पाद की गुणवत्ता के साथ आधुनिक पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि प्रदेश के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।

भाषा सं रवि कांत अजय योगेश

योगेश