पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह पर वित्त मंत्रालय ने बैंक संगठनों को नहीं दी थी प्रतिबद्धताः सूत्र

पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह पर वित्त मंत्रालय ने बैंक संगठनों को नहीं दी थी प्रतिबद्धताः सूत्र

पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह पर वित्त मंत्रालय ने बैंक संगठनों को नहीं दी थी प्रतिबद्धताः सूत्र
Modified Date: September 25, 2026 / 05:46 pm IST
Published Date: September 25, 2026 5:46 pm IST

नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर 28 सितंबर से प्रस्तावित बैंक कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल से पहले सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे पर वित्त मंत्रालय की तरफ से कोई प्रतिबद्धता नहीं दी गई थी। सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह समेत विभिन्न मांगों को लेकर 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया हुआ है।

बैंक कर्मचारी संगठनों का दावा है कि आठ मार्च, 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते/नौवें संयुक्त नोट के तहत भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह के प्रस्ताव पर सहमति दी थी। इसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक काम के घंटे 40 मिनट बढ़ाए जाने थे।

सूत्रों ने कहा कि इस प्रस्ताव की बाद में सरकार से सिफारिश की गई और यह फिलहाल विचाराधीन है।

सूत्रों ने कहा कि इस दौरान कई लंबित मांगों का समाधान किया गया है, जिनमें सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारियों की पारिवारिक पेंशन में संशोधन और इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों को पेंशन का विकल्प देना शामिल है।

हालांकि, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना वापस लेने की यूनियनों की प्रमुख मांग को फिलहाल लंबित रखा गया है।

प्रस्तावित हड़ताल बैंकिंग क्षेत्र की छमाही लेखाबंदी के समय हो रही है। इसके अलावा हड़ताल से ग्राहकों को होने वाली परेशानी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 27 सितंबर को रविवार के दिन भी शाखाएं खुली रखने का निर्देश दिया है।

हड़ताल को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों का सितंबर का वेतन अग्रिम रूप से जारी करने की भी सलाह दी है।

वित्त मंत्रालय के अधीन महालेखा नियंत्रक द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, केंद्र सरकार के कर्मचारियों (रक्षा, डाक एवं दूरसंचार समेत) का सितंबर माह का वेतन, मजदूरी और पेंशन 25 सितंबर को जारी की जा सकती है।

वित्त मंत्रालय ने इस सप्ताह की शुरुआत में बैंक कर्मचारियों से हड़ताल से बचने और शेष मांगों को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की थी। मंत्रालय ने कहा था कि यूनियनों की अधिकांश चिंताओं का काफी हद तक समाधान किया जा चुका है।

यूएफबीयू बैंकिंग क्षेत्र के करीब 90 प्रतिशत कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है। उसकी अन्य मांगों में पेंशन को अद्यतन एवं बेहतर करना, सभी पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते का एक समान फॉर्मूला और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) में जाने का विकल्प देना शामिल है।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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