निचले स्तर पर खरीदारी आने से बाजार में तेजी लौटी, सेंसेक्स 315 अंक चढ़ा
निचले स्तर पर खरीदारी आने से बाजार में तेजी लौटी, सेंसेक्स 315 अंक चढ़ा
मुंबई, 25 सितंबर (भाषा) हाल की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को बैंकिंग, तेल एवं गैस तथा वाहन कंपनियों में निचले स्तर पर खरीदारी आने से घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 315 अंक उछल गया जबकि निफ्टी में 77 अंक का सुधार आया।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 315.20 अंक यानी 0.43 प्रतिशत बढ़कर 73,895.74 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 73,968.05 अंक के ऊपरी और 73,477.77 अंक के निचले स्तर तक गया।
सेंसेक्स के 19 शेयर बढ़त में रहे जबकि 11 गिरकर बंद हुए। पिछले सत्र में सेंसेक्स बड़ी गिरावट के साथ तीन महीने से अधिक के निचले स्तर पर आ गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 77.40 अंक यानी 0.34 प्रतिशत बढ़कर 23,140.50 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी के 34 शेयर बढ़त में, 15 गिरावट में और एक शेयर स्थिर रहा।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से एक्सिस बैंक का शेयर सबसे अधिक 2.82 प्रतिशत चढ़ा। महिंद्रा एंड महिंद्रा में 2.24 प्रतिशत, एशियन पेंट्स में 1.93 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस में 1.21 प्रतिशत, एचसीएल टेक में 1.17 प्रतिशत और टाइटन में 1.01 प्रतिशत की बढ़त रही।
दूसरी तरफ, ट्रेंट का शेयर 1.41 प्रतिशत गिरा। इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा स्टील भी गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में रहे।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.10 प्रतिशत टूटकर 105.4 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘हाल की गिरावट के बाद चुनिंदा शेयरों में निचले भाव पर खरीदारी आने से बाजार में सकारात्मक रुख बना रहा, हालांकि बढ़त सीमित दायरे में रही।’
उन्होंने कहा कि प्रमुख सूचकांकों का 23,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहना घरेलू बाजार की मजबूती और घरेलू स्तर पर उपलब्ध मजबूत नकदी का संकेत है।
व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सचूकांक 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 0.62 प्रतिशत की गिरावट रही।
क्षेत्रवार सूचकांकों में टिकाऊ उपभोक्ता खंड 1.14 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ जबकि वाहन खंड में 0.95 प्रतिशत, रियल्टी खंड में 0.65 प्रतिशत और बिजली खंड में 0.53 प्रतिशत तेजी रही। अस्पताल, दूरसंचार, तेल एवं गैस और आवासीय वित्त खंड नुकसान में रहे।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा कि शुक्रवार को बाजार में उतार-चढ़ाव रहा और पिछले सत्र की तेज बिकवाली के बाद कुछ सुधार हुआ। हालांकि, वैश्विक बॉन्ड पर ऊंची ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली पर निवेशकों की नजर बनी रहने से सुधार सीमित रहा।
साप्ताहिक आधार पर बीएसई सेंसेक्स में 399.22 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई जबकि एनएसई निफ्टी 205.9 अंक यानी 0.88 प्रतिशत के नुकसान में रहा।
एशिया के अन्य बाजारों में जापान का सूचकांक निक्की बढ़त में रहा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहा। चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे।
यूरोपीय बाजार बढ़त के रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को ज्यादातर गिरावट में बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 5,027.36 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी।
पिछले सत्र में सेंसेक्स 1,247.71 अंक टूटकर 73,580.54 अंक पर और निफ्टी 383.70 अंक की गिरावट के साथ 23,063.10 अंक पर बंद हुआ था।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

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