राजकोषीय घाटा मई अंत तक पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य के 9.6 प्रतिशत पर: सरकारी आंकड़े

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राजकोषीय घाटा मई अंत तक पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य के 9.6 प्रतिशत पर: सरकारी आंकड़े

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 06:18 PM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 06:18 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) देश का राजकोषीय घाटा मई के अंत तक वित्त वर्ष 2026-27 के बजट लक्ष्य का 9.6 प्रतिशत रहा है। सरकारी आंकड़ों से मंगलवार को यह जानकारी मिली।

लेखा महानियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के मुताबिक, मई, 2026 के आखिर में राजकोषीय घाटा (सरकार के खर्च और कमाई के बीच का अंतर) 1.62 लाख करोड़ रुपये रहा है।

मई, 2025 के अंत में केंद्र का राजकोषीय घाटा 2025-26 के बजट अनुमान (बीई) का 0.8 प्रतिशत या 13,163 करोड़ रुपये था।

केंद्र ने चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत या 16.96 लाख करोड़ रुपये पर रखने का लक्ष्य तय किया है।

सीजीए के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान शुद्ध कर प्राप्तियां 3.48 लाख करोड़ रुपये रही हैं, जबकि गैर-कर राजस्व 3.51 लाख करोड़ रुपये रहा है।

मई के आखिर में केंद्र सरकार का कुल खर्च 8.81 लाख करोड़ रुपये था, जिसमें 2.51 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय शामिल है।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि अप्रैल-मई के दौरान राजकोषीय घाटे में वृद्धि का मुख्य कारण कुल व्यय में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी और शुद्ध कर तथा गैर-कर प्राप्तियों में एक से दो प्रतिशत की गिरावट रही।

चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-मई की अवधि के दौरान सरकार का कुल कर राजस्व सालाना आधार पर मामूली 1.8 प्रतिशत बढ़ा है। इसकी मुख्य वजह पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद उत्पाद शुल्क संग्रह में 20 प्रतिशत की भारी गिरावट है।

इस दौरान कॉरपोरेट कर संग्रह और सीमा शुल्क संग्रह में अच्छी बढ़ोतरी हुई, जबकि आयकर संग्रह में 6.8 प्रतिशत की धीमी वृद्धि हुई। यह वृद्धि चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान को पूरा करने के लिए जरूरी 17.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी से काफी कम है।

खर्च के मामले में, सब्सिडी और ब्याज भुगतान में भारी बढ़ोतरी के कारण राजस्व व्यय में 20.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती दो महीनों में पूंजीगत व्यय में 13.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

भाषा अजय अजय योगेश

योगेश