सरकार ने पेट्रोरसायन आयात पर शुल्क छूट 15 जुलाई तक बढ़ाई

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सरकार ने पेट्रोरसायन आयात पर शुल्क छूट 15 जुलाई तक बढ़ाई

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 05:31 PM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 05:31 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के बीच आपूर्ति की निरंतरता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर शून्य सीमा शुल्क छूट की अवधि 15 दिन बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दी है।

सरकार ने दो अप्रैल को करीब 40 महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों के आयात पर पूर्ण सीमा शुल्क छूट दी थी। यह अस्थायी और लक्षित राहत 30 जून को समाप्त होने वाली थी।

वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को जारी अधिसूचना में सीमा शुल्क छूट की अवधि बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दी।

आयात शुल्क में यह छूट प्लास्टिक, पैकेजिंग, कपड़ा, दवा, रसायन, मोटर वाहन कलपुर्जों और अन्य विनिर्माण क्षेत्रों जैसे पेट्रोरसायन कच्चा माल तथा मध्यवर्ती उत्पादों पर निर्भर उद्योगों (डाउनस्ट्रीम) को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से दी गई थी।

वित्त मंत्रालय ने दो अप्रैल को कहा था कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में आए व्यवधान को देखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन उत्पादों पर 30 जून तक पूर्ण सीमा शुल्क छूट देने का फैसला किया है।

मंत्रालय ने कहा था कि इस कदम का उद्देश्य घरेलू उद्योग के लिए महत्वपूर्ण पेट्रोरसायन कच्चे माल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना, ‘डाउनस्ट्रीम’ उद्योगों पर लागत का दबाव कम करना और देश में आपूर्ति की स्थिरता बनाए रखना है।

इससे अंतिम उत्पादों के उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी।

मेथनॉल, एनहाइड्रस अमोनिया, टोल्यून, स्टाइरीन, डाइक्लोरोमीथेन (मेथिलीन क्लोराइड), विनाइल क्लोराइड मोनोमर, पॉलीब्यूटाडाइन, स्टाइरीन ब्यूटाडाइन को सीमा शुल्क से छूट दी गई है।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण समुद्री मार्गों में व्यवधान से उर्वरक, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के आयात को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। भारत उर्वरक और पेट्रोलियम का प्रमुख आयातक है।

भाषा निहारिका अजय

अजय